मुख्यपृष्ठनए समाचारहाय रे मोदी सरकार, वोट चोरी के बाद अब पेट्रोल चोरी!

हाय रे मोदी सरकार, वोट चोरी के बाद अब पेट्रोल चोरी!

-राहुल गांधी का आरोप- ई-२० के नाम पर जनता की गाड़ियों में ४२० का खेल
-जांच में ३१.२ फीसदी तक मिला इथेनॉल,
-मोदी सरकार से पूछा, ‘टंकी में आखिर क्या भरवा रहे हैं?’
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
पेट्रोल के नाम पर जनता को क्या बेचा जा रहा है? मोदी सरकार जिस ई-२० पेट्रोल को अपनी उपलब्धि बताकर प्रचारित कर रही है, उसी पर अब गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि पेट्रोल में निर्धारित २० फीसदी इथेनॉल मिश्रण की सीमा को पार कर ३० फीसदी से ज्यादा इथेनॉल मिलाया जा रहा है। उन्होंने इसे जनता के साथ धोखा बताते हुए मोदी सरकार और तेल कंपनियों को कठघरे में खड़ा किया है।
राहुल गांधी ने इस मामले में कर्नाटक सरकार की ओर से कराई गई पेट्रोल की जांच का हवाला दिया है। उनके मुताबिक, राज्य के सात जिलों से लिए गए १४ नमूनों में से ११ में इथेनॉल की मात्रा २० फीसदी से अधिक पाई गई। जांच में इंडियन ऑयल के एक नमूने में ३१.२ फीसदी और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के नमूने में ३०.५ फीसदी इथेनॉल मिलने का दावा किया गया है। राहुल गांधी का आरोप है कि यह गड़बड़ी केवल सरकारी कंपनियों तक सीमित नहीं है। इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम, नायरा और शेल जैसी कंपनियों के पेट्रोल के नमूनों में भी निर्धारित सीमा से अधिक इथेनॉल मिलने की बात सामने आई है।
गाड़ी में पेट्रोल या इथेनॉल? जनता को अंधेरे में क्यों रखा?
राहुल गांधी ने मोदी सरकार से पूछा कि पेट्रोल पंपों पर बिकने वाले र्इंधन में इथेनॉल की वास्तविक मात्रा की जानकारी ग्राहकों को क्यों नहीं दी जाती? निर्धारित सीमा से अधिक मिश्रण करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई कब होगी?

अन्य समाचार