-प्रयागराज में पुलिस चौकी के सामने युवक से पिस्तौल की नोक पर लूट
राजेश सरकार / प्रयागराज
उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के बड़े-बड़े दावों की धज्जियां उड़ाने वाली एक बेहद सनसनीखेज वारदात ‘संगम नगरी’ प्रयागराज से सामने आई है। यहां बेखौफ बदमाशों ने सीधे तौर पर खाकी की धौंस को चुनौती देते हुए पुलिस चौकी के ठीक सामने ही एक युवक को अपनी लूट का शिकार बना डाला। इस दुस्साहसिक घटना के बाद स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है और पुलिस की गश्त व सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पिस्तौल तानकर 18 हजार और मोबाइल उड़ाया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह वारदात शनिवार रात करीब 9:30 बजे की है, जब पूरा इलाका आवाजाही से गुलजार था। पीड़ित युवक जब वहाँ से गुजर रहा था, तभी अचानक तीन शातिर बदमाशों ने उसे घेर लिया। बदमाशों ने बिना किसी खौफ के पीड़ित पर पिस्तौल तान दी। जान से मारने की धमकी देकर अपराधियों ने युवक के पास मौजूद 18 हजार रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बड़ी आसानी से रफूचक्कर हो गए।
लीडर रोड पुलिस चौकी के सामने वारदात से हड़कंप
हैरानी और शर्म की बात यह है कि यह पूरी वारदात लीडर रोड पुलिस चौकी के ठीक सामने अंजाम दी गई। जिस जगह पर जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस मुस्तैद रहनी चाहिए, उसी के चंद मीटर के फासले पर तमंचे लहराते हुए बदमाश वारदात कर निकल गए और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। वारदात के बाद बदहवास पीड़ित युवक तुरंत शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के पास पहुंचा।
ऐसे दिया वारदात को अंजाम
प्रयागराज के करेली निहालपुर निवासी मो. महताब उर्फ मोनू (25) बावर्ची का काम करता है। उसके मुताबिक एक दिन पहले उसने मुंडेरा मे खाना बनाने का काम किया था, जिसके एवज में शनिवार को उसे 18 हजार रुपये मिले थे। रात करीब 9:30 बजे वह ऑटो से प्रयागराज जंक्शन के पास उतरा और पैदल अपने घर की ओर जाने लगा। इसी दौरान लीडर रोड पुलिस चौकी के सामने तीन बदमाशों ने उसे घेर लिया।
आरोप है कि तीनों बदमाशों में से दो ने पीछे से युवक को पकड़ लिया। जबकि तीसरे ने उस पर पिस्टल तान दी। इसके बाद जान से मारने की धमकी देते हुए उसकी जेब में रखे 18 हजार रुपये और मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों बदमाश मौके से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से युवक घबरा गया।
शिकायत के लिए शाहगंज और खुल्दाबाद थाने के लगाता रहा चक्कर
लूट का शिकार होने के बाद मोनू शिकायत लेकर पहले शाहगंज थाने पहुंचा। वहां से उसे खुल्दाबाद थाने भेज दिया गया। पीड़ित जब खुल्दाबाद थाने पहुंचा तो उसे दोबारा शाहगंज जाने को कह दिया गया। इस तरह वह काफी देर तक दोनों थानों के बीच भटकता रहा। आखिरकार लीडर रोड चौकी के पास पहुंचकर उसने किसी की मदद से डायल 112 पर फोन किया और घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही डायल 112 और खुल्दाबाद थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पीड़ित ने पुलिस को बताया कि लूट में शामिल बदमाशों में से एक खुल्दाबाद इलाके का रहने वाला है। खुल्दाबाद थाना प्रभारी केशव वर्मा के मुताबिक बदमाश पैदल आए थे और वारदात के बाद फरार हो गए। पुलिस घटनास्थल के साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश की जा सके।
दीपावली के मद्देनजर शहर में पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। इसके बावजूद पुलिस चौकी के सामने पिस्टल के बल पर हुई लूट की इस घटना ने पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि प्रयागराज में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। खाकी का खौफ अब सिर्फ कागजों तक सीमित रह गया है। जब पुलिस अपनी चौकी के सामने ही आम नागरिकों की सुरक्षा नहीं कर पा रही है, तो अंधेरी गलियों और सूनसान सड़कों पर जनता भगवान भरोसे ही है। इस मामले में अब देखना यह होगा कि पुलिस इन लुटेरों को कब तक सलाखों के पीछे पहुंचा पाती है, या फिर यह मामला भी फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।
