सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में एक ७० वर्षीय बुजुर्ग महिला छह वर्षों तक एक सुनियोजित साइबर ठगी का शिकार बनीं। खुद को आयकर विभाग का अधिकारी बताकर ठगों ने टैक्स रिफंड दिलाने का झांसा दिया और महिला से करीब १.१५ करोड़ रुपए ऐंठ लिए। यह ठगी मई २०१९ से लेकर अप्रैल २०२५ तक चली।
रिपोर्ट के अनुसार, पहली बार फोन पर बताया गया कि उनके दिवंगत पति ने आयकर तो भरा था, लेकिन रिटर्न नहीं फाइल किया और अब सरकार वह रकम लौटाना चाहती है। जब महिला ने इस प्रक्रिया में रुचि नहीं दिखाई, तो उन्हें कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई। अगस्त २०१९ में महिला से २६,५५० रुपए का पहला भुगतान मांगा गया। इसके बाद ट्रांसफर टैक्स, जीएसटी, हेल्थ इंश्योरेंस, सुरक्षा जमा आदि के नाम पर लगातार भुगतान की मांग की जाती रही। एक समय पर महिला को अपने ही खाते में १० लाख रुपए जमा करने और फिर तय खाते में ट्रांसफर करने को कहा गया, यह कहकर कि यह रकम फिक्स्ड डिपॉजिट में जाएगी और रिफंड के साथ लौटाई जाएगी।
महिला ने ठगों द्वारा बताए गए अलग-अलग बहानों पर ५० से अधिक बार कुल १.१५ करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। अप्रैल २०२५ में जब उनसे एक बार फिर २२.५ लाख रुपए की मांग की गई, तब उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने दादर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
