उमेश गुप्ता / वाराणसी
कमिश्नरेट वाराणसी की क्राइम ब्रांच की एमओजीओ टीम ने ऑनलाइन सट्टा और टेलीग्राम फ्रॉड के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय सट्टेबाजी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने आईपीएल क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाने वाले गिरोह से जुड़े 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 17 टच स्क्रीन मोबाइल फोन, 10 लैपटॉप और एक क्रिप्टो करेंसी डिजिटल वॉलेट (लेजर) बरामद किया गया है।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह टेलीग्राम ग्रुप, ऑनलाइन वेबसाइटों, फर्जी वीडियो और सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उन्हें आईपीएल समेत विभिन्न क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने के लिए प्रेरित किया जाता था। तकनीकी जांच और लगातार निगरानी के बाद एमओजीओ टीम ने गिरोह के सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया।
जांच में सामने आया है कि इस सट्टेबाजी नेटवर्क का जाल वाराणसी से लेकर मुंबई तक फैला हुआ था। गिरोह का मास्टरमाइंड मुंबई में बैठकर पूरे रैकेट को संचालित करता था और ऑनलाइन माध्यमों से सट्टे के कारोबार को नियंत्रित करता था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह लंबे समय से टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के जरिए अवैध सट्टेबाजी का कारोबार चला रहा था और अब तक सैकड़ों करोड़ रुपये के लेन-देन और हेरफेर की आशंका जताई जा रही है।
हालांकि गिरोह के 13 सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं, लेकिन पूरे नेटवर्क का संचालन करने वाला मुख्य मास्टरमाइंड अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और डिजिटल वॉलेट की फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है, जिससे गिरोह के आर्थिक लेन-देन, अन्य सहयोगियों और देश के विभिन्न राज्यों में फैले नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा सके।
फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है, जबकि फरार मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
