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बाबासाहेब का संविधान बदलने के लिए ही भाजपा को ४०० के पार जाना है! … उद्धव ठाकरे का जबरदस्त प्रहार

सामना संवाददाता / मुंबई
भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा लिखा गया संविधान बदलने के लिए ही भाडोत्री जनता पक्ष साजिश रच रहा है। जिस संविधान के अंतर्गत मैंने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, नरेंद्र मोदी ने शपथ ली, उस संविधान को बदलकर सारे अधिकार अपने हाथ में लेने के लिए ही भाजपा को ४०० के पार सीट चाहिए, ऐसा जबरदस्त प्रहार कल शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने किया। संविधान बदलकर भाजपा के हाथ सारे अधिकार आ गए तो इसके बाद आगे चुनाव नहीं होंगे, न्यायालय को भी अपने कब्जे में लेकर मनमानी भरा काम काज किया जाएगा, ऐसी भयंकर वास्तविकता उद्धव ठाकरे ने जनता के समक्ष पेश की।
यवतमाल और वाशिम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में कल उद्धव ठाकरे का जनसंवाद दौरा संपन्न हुआ। यवतमाल स्थित रालेगांव में उद्धव ठाकरे का मार्गदर्शन सुनने के लिए चिलचिलाती धूप में भी हजारों गांववाले, किसान और नागरिक उपस्थित थे।
लोकसभा के लिए भाजपा द्वारा दिए गए नारे ‘अबकी बार ४०० पार’ के पीछे की साजिश का खुलासा भी उद्धव ठाकरे ने किया। उन्होंने कहा कि भाजपा लोगों के फायदे के लिए नहीं बल्कि सारी सत्ता अपने लिए हासिल करने के लिए ४०० से ज्यादा सीटें चाहती है और केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार ने इसका इशारा भी दिया है।
…तो देश के सभी किसानों का कर्ज माफ करो!
यवतमाल में आत्महत्या करनेवाले किसानों के परिवारों को मदद दिलाने के लिए सरकार दरबार लगा रही है। एक साथ कितने लाख रुपए मिलेंगे। यवतमाल में मोदी की सभा पर १२ करोड़ रुपए खर्च हुए। अगर मोदी उस सभा के बजाय आत्महत्या करने वाले किसानों के घर पैसे दे देते तो वह सभा नहीं होती। अगर किसानों की इतनी बड़ी संख्या है, तो चुनाव से पहले देश के सभी किसानों का कर्ज माफ करें और फिर चुनाव कराएं, ऐसी चुनौती भी उद्धव ठाकरे ने दी।

समय रहते खतरे को पहचानो
उद्धव ठाकरे ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन का उदाहरण दिया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुतिन ने भी लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीता और उस बहुमत के आधार पर दोबारा सत्ता हासिल करने के बाद अब उन्होंने कोर्ट के जजों की नियुक्ति भी खुद ही करनी शुरू कर दी है। अगर हिंदुस्थान में ऐसा हुआ तो लोगों को चिल्लाते बैठना पड़ेगा। चाहे आप सड़कों पर उतरें, प्रदर्शन करें, जेल जाएं, कोई नहीं सुनेगा। अगर वे कोर्ट जाएंगे तो वहां भी उनके अपने जज होंगे, ऐसा कहते हुए उद्धव ठाकरे ने खतरे को समय रहते पहचानने की हिदायत भी दी।

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