मुख्यपृष्ठस्तंभपुस्तक समीक्षा : "पिंटू की पहली उड़ान"  ...बाल मन अनुरूप कथा संग्रह

पुस्तक समीक्षा : “पिंटू की पहली उड़ान”  …बाल मन अनुरूप कथा संग्रह

राजेश विक्रांत

हिंदी और अंग्रेजी की लेखिका डॉ. कनक लता तिवारी की पुस्तक ‘पिंटू की पहली उड़ान, बाल कथा संग्रह है। इसमें 34 कहानियां हैं। लेखिका ने इन कहानियों को प्रासंगिक और सरल सहज भाषा में बाल मन के अनुरूप सामग्री को उकेरा है।

वैसे, कहानी सुनाने की कला काफी प्राचीन है। और यह वैज्ञानिक रूप से सच है कि अगर बच्चों को सरल कहानियों के माध्यम से कोई बात बताई जाए तो बच्चे उसको आत्मसात करते हैं। एक शोध से पता चलता है कि चरित्र आधारित कहानियां को सुनने वाले लोगों के दिमाग में ऑक्सीटोसिन नामक एक रसायन निकलता है जो प्यार और सहानुभूति की भावनाओं से जुड़ा होता है। डॉ. कनकलता तिवारी की इस किताब में पिंटू की पहली उड़ान, चूंचूं का युद्ध हारना, मेंढकी रानी की कहानी, बकरी ने अपने बच्चों को कैसे बचाया?, बंदर और आदमी, सुरक्षा की देवी और मूर्ख बहू, गाय और बछड़ा, अंगूठा सिंह राजा बना, सात भाई और एक बहन, हाथी बचाओ, गौरैया का घर, हाथी बकरी और चिड़िया, चालक कोयल और बुद्धू कौआ, चालाक चूहे कैसे बिल्ली से बचे, जब बिल्ली ने शेर को पढ़ाया, लकड़हारे का लालच, मटर और राजकुमारी, मोहन की भक्ति, सरजू और सात परियां, बहानेबाज बुढ़िया, सड़क कहां जाती है, बुखार का इलाज, किसान का दुख, सफेद जादू, मखमली खरगोश, बत्तख जो सुंदर नहीं थी, तलवार और पत्थर- राजा आर्थर की कहानी, विशाल नाक, परियों की प्रतियोगिता, नाग कन्या की कहानी अरुणाचल से, तेनालीराम की एक नई कहानी, चूहा राजकुमारी, उपकार का बदला, बूढ़ा आदमी, सम्राट और तीन बेटे, तथा पिंटू की उड़ान शीर्षक से बड़ी दिलचस्प कहानी संग्रहित है।

लेखिका ने इन कहानियों को बेहद मनोयोग से लिखा है लेखिका के अनुसार बच्चों को कहानी सुनने से उनकी मनोदशा विकसित होती है। कहानियां बच्चों की दुनिया को उड़ान देती है। कहानियों की बदौलत वे सोचते हैं महसूस करते हैं और समस्याओं का समाधान सीखते हैं। कहानियां उन्हें डर से आगे बढ़ाने और जीतने का हौसला देती हैं। कहानियां उन्हें अपनी एक प्यारी सी दुनिया बनाने की रचनात्मक देती हैं।
यह किताब पढ़ते वक्त लेखिका की बात एकदम सही साबित होती है। ये कहानियां इतनी सरल और सहज है कि बच्चे उनकी रवानी में खो जाते हैं। और न केवल उनका मनोरंजन होता है बल्कि उस कहानी से वह कुछ सीख भी लेते हैं क्योंकि संग्रह की कहानियों का जो संदेश है वह यह कि जानवरों की भी अपनी भावनाएं होती हैं। नैतिक दृढ़ता हमेशा फल देती है। अजनबियों के लिए दरवाजा ना खोलें कभी-कभी बंदर मनुष्य का सबसे अच्छा दोस्त नहीं होता है। मूर्खों को कुछ बोलने के समय संदेश की स्पष्टता पर ध्यान दें। समझदारी से काम लेने से आपकी जान बच सकती है। साहस आकार पर निर्भर नहीं करता है। प्रेम हर चीज पर विजय प्राप्त करता है। हम सभी को गौरैया को बचाना चाहिए। हमें किसी का बुरा नहीं करना चाहिए। अगर हमारी गलती से किसी को परेशानी होती है तो उसे गलती को सुधारना चाहिए और मनमुटाव दूर करते हुए एक दूसरे की मदद करनी चाहिए। दूसरों पर आंख बंद करके भरोसा नहीं करना चाहिए इससे नुकसान खुद का होता है। बुद्धि का इस्तेमाल करके धोखे से बचा जा सकता है। लालच में आकर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। व्यक्ति का व्यवहार उसके संस्कारों का सूचक होता है। कर्म पर विश्वास करने वालों के लिए कुछ भी आसंभव नहीं होता है। मूर्ख लोगों की सच बात पर भी कोई यकीन नहीं करता है इसलिए उम्र व जरूरत के अनुसार खुद की कमियों को दूर करना चाहिए। कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए या नाटक नहीं करना चाहिए ऐसा करने से हमेशा दूसरों से तिरस्कार ही मिलता है। व्यक्ति को हमेशा अपनी बात स्पष्ट रूप से बोलनी चाहिए। दूसरों के लिए गड्ढा खोदने वाले एक दिन खुद इस गड्ढे में गिरते हैं। हमें अपनी छोटी-छोटी परेशानियों के लिए किसी से शिकायत नहीं करनी चाहिए बल्कि उन परेशानियों का खुद से सामना करना चाहिए।

कनक लता तिवारी नवी मुंबई के एक समाचार पत्र में साप्ताहिक स्तंभकार हैं। अंग्रेजी में उनके लगभग 4000 लेख व शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। वह एक मंजी हुई लेखिका है इसलिए उन्होंने अपनी पुस्तक पिंटू की पहली उड़ान को बेहद मनोयोग से लिखा है। 132 पृष्ठों की इस पुस्तक के प्रकाशक प्रतीक पब्लिकेशन है इस पब्लिकेशन के एडवोकेट राजीव मिश्रा मधुकर ने बड़ी खूबसूरती से इस बाल कथा संग्रह को प्रकाशित किया है।बच्चों में नैतिकता व समझ का गुण भरने के लिए पिंटू की पहली उड़ान पुस्तक बेहद उपयोगी है।

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