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भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में भ्रामक एवं भड़काऊ कंटेंट सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के खिलाफ 30 पर मुकदमा दर्ज…50 क्रिएटर्स पुलिस के निशाने पर

अनिल मिश्र / पटना

बिहार प्रदेश के भोजपुर जिले में शाहपुर थाना क्षेत्र के बेलौटी गांव में भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही कथित भ्रामक और भड़काऊ सामग्री को लेकर अभी तक तीस कंटेंट क्रिएटर्स के खिलाफ पटना साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है।वहीं पुलिस का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर अफवाहों का बाजार गर्म कर रहे थे, जिससे आमजन में भ्रम और तनाव की स्थिति पैदा हो रही थी। इस संबंध में पटना पुलिस ने फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम समेत 50 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट की पहचान की है। इन अकाउंट्स पर कथित तौर पर भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट की जा रही थी। हाल के दिनों में हुए भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद सोशल मीडिया पर प्रसारित आपत्तिजनक, भ्रामक और भड़काऊ कंटेंट को लेकर पुलिस ने सख्ती बरती है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर वीडियो डालने वाले 30 यूजर आईडी धारकों, कंटेंट निर्माताओं और अन्य पर साइबर पुलिस ने अभी तक तीस लोगों पर केस दर्ज किया है। वहीं पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भ्रामक कंटेंट से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और समाज में सरकार पुलिस के प्रति अविश्वास और असंतोष फैलाने की कोशिश की जा रही थी। मामले की जांच शुरू कर संबंधित यूजर आईडी धारकों की पहचान की जा रही है और उनके खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।साइबर मॉनिटरिंग के दौरान फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कई ऐसे अकाउंट चिह्नित किए गए, जिससे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट प्रसारित किए गए।
आपको बता दे की प्राथमिकी में किसी विशेष घटना का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि यह कार्रवाई भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर प्रकरण के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो रही पोस्ट और वीडियो के संदर्भ में की गई है। पुलिस इस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है और संबंधित यूजर आईडी के संचालन से जुड़े लोगों की पहचान जुटाई जा रही है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि एआई तकनीक का दुरुपयोग कर फर्जी फोटो और वीडियो तैयार करने के लिए किया गया है। अन्य राज्यों की घटनाओं के वीडियो को भोजपुर या बिहार का बताकर साझा किया गया, जिससे आम लोगों को भ्रमित करने और माहौल बिगाड़ने का प्रयास किया गया।पुलिस ने ऐसे सभी संदिग्ध यूजर आईडी को चिह्नित कर संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक पोस्ट हटाने और अकाउंट बंद कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

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