अनिल मिश्र / पटना
बिहार प्रदेश संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी महासंघ के बैनर तले सैकड़ों लोगों ने मगध प्रमंडल आयुक्त कार्यालय के समक्ष शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति के नाम पांच सूत्री ज्ञापन आयुक्त मगध प्रमंडल के सचिव सुशील कुमार को सौपा गया। इस अवसर पर उपस्थित फैक्टनेब के मगध विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष प्रोफेसर विजय कुमार मिट्ठू, संरक्षक प्रोफेसर नवल किशोर शर्मा, जिला अध्यक्ष डॉ. अरविंद कुमार, प्राचार्य डॉ. अशोक कुमार सिंह, प्रो. शशि भूषण कुमार, प्रो. अजित कुमार, प्रो. उमेश सिंह, प्रो. रबीन्द्र कुमार, प्रो. राकेश रंजन, अनिल कुमार सिन्हा, प्रो. रंजीत भारद्वाज, प्रो. सुनील कुमार, प्रो. बृजेश कुमार शर्मा, प्रो. विश्वनाथ कुमार, डॉ. मनोज कुमार सिंह, प्रो. संजय कुमार यादव, प्रो. मुरारी प्रसाद, दामोदर गोस्वामी, टिंकू गिरी, अशोक शर्मा, रामानुज शर्मा आदि ने कहा कि बिहार राज्य के लगभग 65 प्रतिशत छात्रों को डिग्री की पढ़ाई सुनिश्चित कराने वाले सैकड़ों संबद्ध, अनुदानित डिग्री कॉलेज के विगत 40 वर्षो से नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की मांग अभी तक बिहार सरकार ठंढे बस्ते में डाले हुए हैं, जबकि 2025 विधानसभा चुनाव के वक्त तत्कालीन नीतीश सरकार ने सूबे के संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारियों को अंगीभूत कॉलेज के तर्ज़ पर नियमित वेतनमान एवं पेंशन देने की घोषणा कर मुख्यसचिव बिहार के नेतृत्व में एक कमिटी गठित कर रिपोर्ट करने की बातें कही थी, परंतु इसके गठन के कई माह बीत जाने के बाद भी अभी तक गठित कमिटी के बैठक नहीं हुई, उल्टे पहले से लगभग आठ सत्रों का डिग्री, इंटर का अनुदान भी बकाया है, जिससे सूबे के संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी भुखमरी के शिकार हो रहे हैं। इस बीच इन सभी प्रध्यापकों ने कहा कि सरकार एवं विश्वविद्यालय स्तर पर सम्बध्द डिग्री कॉलेज के वेतनमान, पेंशन, अनुदान नहीं मिलने के साथ-साथ विगत छह माह से कई सत्रों के परीक्षाओं की कॉपी मूल्यांकन का कार्य जो 80 प्रतिशत संबद्ध डिग्री कॉलेज के ही शिक्षक कार्य कर रहे हैं, उनका भी पारिश्रमिक में 25 से 35 प्रतिशत तक टी ए, होलतेज काट कर लेटलतीफ भुगतान की जा रही है। विश्वविद्यालय स्तर पर मगध विश्विद्यालय में सीनेट, सिंडिकेट के लंबित चुनाव सहित संबद्ध कॉलेज के जी बी के सचिव, अध्यक्ष, यूआर, टीआर आदि पद पर नियुक्त में विलंब आदि की प्रथा को समाप्त कर आपडेटेड करने की नितांत आवश्यक है। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के उपरांत फैक्टनेब पांच सूत्री मांगों का ज्ञापन आयुक्त मगध प्रमंडल को दिया गया तथा चरणबद्ध आंदोलन के तहत 14 जुलाई को मगध विश्वविद्यालय मुख्यालय पर महाधरना देने तथा 20 जुलाई को पटना स्थित गया शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद जीवन कुमार के आवास का घेराव कर उन्हें 20 से 24 जुलाई तक चलने वाले विधानमंडल के सत्र में संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी के मांगों के लिए विधान मंडल में धरना पर बैठने के लिए दबाब बनाया जाएगा।
