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आईआईएम बोधगया और रिम भूटान ने एआई के क्षेत्र में शैक्षणिक सहयोग बढ़ाया

अनिल मिश्र / पटना

बिहार प्रदेश के धार्मिक, अध्यात्मिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक नगरी गया जिले के ज्ञान भूमि के नाम से मशहूर बोधगया से भगवान महात्मा बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति के बाद सबसे ज्यादा बौद्ध धर्म मानने वाले तिब्बत देश की राजधानी भूटान के थिम्फू स्थित रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (आरआईएम) के 13 शिक्षकों के लिए आईआईएम बोधगया द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव रहे, जबकि इसका समन्वय डॉ. समंत सौरभ और डॉ. मदन लाल यादव ने किया।शिक्षकों की कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) से जुड़ी समझ और कौशल को मजबूत बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस पांच दिवसीय आवासीय कार्यक्रम में शिक्षण, शोध, संस्थागत नेतृत्व और निर्णय लेने की प्रक्रिया में एआई के प्रभावी उपयोग पर जानकारी दी गई। व्यावहारिक सत्रों और विशेषज्ञों के मार्गदर्शन के माध्यम से प्रतिभागियों को उभरती एआई तकनीकों का उपयोग कर शिक्षण, शोध और संस्थान के कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के तरीकों से अवगत कराया गया.कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने मशीन लर्निंग, डीप लर्निंग, जनरेटिव एआई, लार्ज लैंग्वेज मॉडल और प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग जैसे विषयों की जानकारी प्राप्त की। इंटरैक्टिव सत्रों में उन्हें चैटजीपीटी, जेमिनी (Gemini), क्लॉड (Claude) और नोटबुकएलएम (NotebookLM) जैसे एआई टूल्स के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही एआई आधारित शोध, डेटा प्रस्तुति, प्रभावी प्रेजेंटेशन, दस्तावेज़ तैयार करना, बिजनेस रणनीति, सुशासन, डिजिटल मार्केटिंग, निर्णय प्रक्रिया, पूर्वानुमान तथा एआई की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।कार्यक्रम के अंतिम चरण में प्रतिभागियों ने वास्तविक संस्थागत और प्रबंधन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित परियोजनाएं तैयार कर प्रस्तुत किए गए।इस अवसर पर आईआईएम बोधगया की निदेशक प्रो. विनिता एस. सहाय ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) महत्वपूर्ण बदलाव ला रही है। उन्होंने शिक्षकों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर देते हुए कहा कि इससे नवाचार,आलोचनात्मक सोच और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।यह कार्यक्रम कार्यकारी शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण के क्षेत्र में आईआईएम बोधगया की बढ़ती प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं भूटान के शिक्षकों को एक साझा शिक्षण मंच प्रदान कर संस्थान ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करने तथा शिक्षण, शोध और संस्थागत संचालन में उभरती तकनीकों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। जबकि भविष्य में भी नये -नये तकनीक विकसित होने पर साझा मंच से एक दूसरे को रूबरू कराने के साथ -साथ विकास में सहायक बनने का संकल्प भी दोहराया गया।

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