अनिल मिश्र / पटना
बिहार प्रदेश के पूर्वीचंपारण (मोतिहारी) जिला पुलिस को जाली नोट और अवैध तस्करी के एक बहुत बड़े सिंडिकेट को ध्वस्त करने में भारी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर मोतिहारी के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के भोपतपुर गांव में एक साझा स्पेशल ऑपरेशन चलाते हुए देशव्यापी नेटवर्क से जुड़े एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। बिहार प्रदेश के पूर्वी चंपारण पुलिस ने एक बड़े आपराधिक सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए देश विरोधी नेटवर्क को करारा झटका दिया है। दरअसल, मोतिहारी एसडीपीओ सदर-1 और एसडीपीओ सदर-2 के संयुक्त नेतृत्व में पुलिस टीमों ने भोपतपुर कल्याणपुर इलाके में रात भर सघन छापेमारी किया। इस विशेष ऑपरेशन में पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपये के जाली नोट (एफआईसीएन), 13 लाख रुपये असली नकद और 38 पीस सोने के बिस्किट बरामद किए हैं।इसके साथ ही मौके से अवैध हथियार, कारतूस और अपराध में इस्तेमाल की जाने वाली गाड़ियां भी जब्त की गई हैं।इस अप्रत्याशित कामयाबी से इलाके में हड़कंप मच गया है। इस दौरान मोतिहारी पुलिस ने मौके से भोपतपुर निवासी मुख्य सरगना सुलेमान अंसारी और उसके करीबी सहयोगी इम्तियाज समेत कुल चार संदिग्धों को हिरासत में भी लिया है। इन सभी को किसी गुप्त स्थान पर रखकर पुलिस के वरीय अधिकारी लगातार कड़ी पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस की छापेमारी में गांव के रहने वाले सुलेमान अंसारी, इम्तियाज समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ में जुटी है। नेटवर्क के अन्य लोगों से बातचीत कर पुलिस और भी पता लगाने का प्रयास कर रही है। पुलिस इस गिरोह का पूरी तरह खात्मा करने के लिए कार्रवाई कर रही है। जानकारी के मुताबिक, गिरोह पहले लोगों का भरोसा जीतने के लिए छोटे लेनदेन में असली नोट देता था। जब कोई बड़ी रकम के साथ सौदा करने पहुंचता था, तब उसे ऊपर कुछ असली नोट और नीचे चिल्ड्रेन बैंक लिखे प्लास्टिक के नकली नोट की गड्डी थमा दी जाती थी। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई देर मंगलवार देर रात तक जारी रही। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी तलाशी अभियान चलाया गया है। हिरासत में लिए गए चारों लोगों से लगातार पूछताछ की जा रही है और कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात सामने आ रही है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी देने से इनकार किया है। वहीं एसडीपीओ जितेश पाण्डेय ने बताया कि जांच पूरी होने और बरामद सामान की पुष्टि के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। फिलहाल, इस पूरे मामले में बरामदगी, हिरासत में लिए गए लोगों की भूमिका और पूछताछ में सामने आए तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।
