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नरिमन पॉइंट की बैंक में धर्मांतरण का खेल, महिला का किया गया ब्रेनवॉश, पति ने की शिकायत

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई में भी अब जिहाद तेजी से पसरता नजर आ रहा है। इसमें थूक जिहाद से लेकर बैंक जिहाद तक शामिल है। नासिक में आईटी कंपनी में जबरन धर्मांतरण जैसा मामला मुंबई के नरिमन पॉइंट स्थित एक बड़े बैंक में सामने आया है। इसी तरह गोरेगांव के एक होटल में थूक जिहाद की खबर ने स्थानीय नागरिकों को आक्रोशित कर दिया है।
नासिक में सामने आए कथित कॉर्पोरेट जिहाद के बाद मुंबई में भी ऐसा मामला सामने आया है। नरिमन पॉइंट की एक बड़ी बैंक में कथित रूप से ‘बैंक जिहाद’ चलाए जाने का सनसनीखेज आरोप एक महिला के पति ने लगाया है। इस घटना के बाद एक बार फिर कॉर्पोरेट क्षेत्र में धर्मांतरण को लेकर बहस तेज हो गई है। पति ने इस बात की शिकायत बैंक के टॉप मैनेजमेंट से की है। शिकायत के अनुसार, इस महिला कर्मचारी का जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश किए जाने का आरोप है। पीड़ित पति के अनुसार, पिछले कुछ समय से उसकी पत्नी के व्यवहार में अचानक बड़ा बदलाव दिखाई देने लगा था। इसके बाद जब उसने छानबीन की तो इस बात का खुलासा हुआ।

बेटी का भी धर्मांतरण
करवाना चाहती थी मां!

मुंबई के बड़े बैंक में एक महिला के जबरन धर्मांतरण करने के प्रयास का मामला सामने आया है। यह हिंदू महिला गत कुछ दिनों से इस्लामिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का पालन करने लगी थी। इतना ही नहीं, उसने अपनी आठ वर्षीय बेटी का भी धर्म परिवर्तन कराने की इच्छा जताई थी। इस पूरे घटनाक्रम से परिवार गहरे मानसिक तनाव में आ गया है।

सहकर्मी पर गंभीर आरोप
पति ने दावा किया है कि इस पूरे मामले के पीछे बैंक के ही कुछ कर्मचारी शामिल हैं। आरोप है कि महिला का बैंक के एक सहकर्मी से संबंध था और उसी व्यक्ति ने उस पर इस्लाम स्वीकार करने के लिए दबाव या प्रभाव डाला। पति ने अपने शिकायत पत्र में कहा है कि यह केवल प्रेम संबंध का मामला नहीं, बल्कि एक बड़े संगठित गिरोह की साजिश है। उसका आरोप है कि हिंदू महिलाओं को आर्थिक और शारीरिक रूप से जाल में फंसाकर उनका धर्म परिवर्तन कराना ही इस पूरे नेटवर्क का मकसद है।

महिला का आर्थिक शोषण
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि महिला का केवल मानसिक ही नहीं, बल्कि उसका आर्थिक शोषण भी किया गया। आरोप के मुताबिक, पहले एक अन्य कर्मचारी ने महिला पर दबाव डालकर बैंक से कर्ज निकलवाया और उस कर्ज की बड़ी रकम संबंधित व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करवाई गई। शिकायत में कहा गया है कि एक शिक्षित और जिम्मेदार पद पर कार्यरत महिला को योजनाबद्ध तरीके से जाल में फंसाकर धर्मांतरण की ओर धकेला गया।

पत्नी और बेटी लापता
मामला बढ़ता देख पति अपनी पत्नी और बेटी को राजस्थान के उदयपुर स्थित पैतृक गांव ले गया था, लेकिन वहां भी कथित रूप से पीछा नहीं छोड़ा गया। बताया गया है कि १८ अप्रैल २०२६ की सुबह पत्नी और बेटी अचानक लापता हो गईं। पति को शक है कि बैंक का वही कर्मचारी उन्हें वहां से लेकर गया है। इस मामले में उदयपुर के सुखेर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है और पुलिस जांच में जुटी हुई है।

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