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पुत्रवधू की निर्मम पिटाई, 50 लाख की डिमांड न पूरी करने पर ‘घर निकाला’!

-यूपी पुलिस ने नौ माह बाद दर्ज किया भाइयों सहित श्वसुर व उनके ग्यारह परिजनों पर केस

-नहीं पसीजी सुल्तानपुर पुलिस, पीड़िता को टरकाकर डाल रही थी ‘सच’ पर पर्दा, सीतापुर पुलिस ने निभाया फर्ज, दर्ज की एफआईआर

सामना संवाददाता / सुल्तानपुर

यूपी पुलिस की कारगुजारी बयां करने वाली यह वारदात सुल्तानपुर जिले की है। आरोप है कि सुल्तानपुर की नगर पुलिस पीड़िता के ससुराल में हो रहे जुल्म को लेकर बार-बार शिकायत मिलने के बावजूद रईस ससुरालियों से प्रभावित होकर न सिर्फ सच पर पर्दा डालती रही, बल्कि आरोपियों के खिलाफ एक एफआईआर तक दर्ज नहीं की। नवविवाहिता को ससुरालीजनों द्वारा बार-बार पीटा जाता रहा और घर से भी निकाल दिया गया। मजबूरन पीड़िता ने सीतापुर जिले में शरण ली। आखिरकार सीतापुर पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और पीड़िता की तहरीर पर 11 आरोपियों के विरुद्ध कई संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। फिलहाल इस घटनाक्रम ने सुल्तानपुर नगर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली को भी बेपर्दा कर दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, सुल्तानपुर शहर के रुद्रनगर मोहल्ला निवासी आलोक अग्रवाल के बेटे से मेजरगंज निवासी युवती का विवाह करीब डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। आरोप है कि विवाह के तत्काल बाद ही ‘अग्रवाल परिवार’ नववधू के प्रति निर्मम हो उठा और घरेलू प्रताड़ना शुरू कर दी। आए दिन उत्पीड़न और मारपीट की घटनाएं होने लगीं। पुलिस तक शिकायत पहुंची तो आरोप है कि उसने भी निष्पक्ष कार्रवाई के बजाय आरोपी पक्ष का ही साथ दिया।
पुलिस का कथित मूक समर्थन मिलने से ससुरालीजनों ने युवती को एक दिन मारपीट कर घर से बाहर कर दिया। संवेदनहीनता की हद तब हो गई, जब बेटी को लेने पहुंचे उसके पिता और भाई को भी दौड़ा-दौड़ाकर पीटने का आरोप है। ऐसी वारदात के बावजूद सुल्तानपुर पुलिस ने मामले का संज्ञान नहीं लिया और एफआईआर दर्ज नहीं की।
नतीजतन, बेबसी में युवती सुल्तानपुर शहर छोड़कर सीतापुर चली गई। इसके बावजूद वह अपने अपमान और प्रताड़ना को लेकर पुलिस के आलाधिकारियों से गुहार करती रही। अंततः सीतापुर पुलिस ने उसकी सुनवाई की। देहात कोतवाल सीतापुर अमर सिंह ने पीड़िता युवती की तहरीर को संज्ञान में लिया।
प्रकरण में ससुर आलोक अग्रवाल, चचिया ससुर एवं ठठेरी बाजार के ज्वैलरी कारोबारी अमरीश अग्रवाल, ज्येष्ठ ससुर अभय अग्रवाल, रचित, पलाश, गीतिका, शिवानी, आशी और यश अग्रवाल समेत 11 लोगों को विवाहिता और उसके परिजनों से 50 लाख रुपये दहेज की मांग करने, निर्मम पिटाई और घर से निकालने के आरोप में नामजद करते हुए केस दर्ज कर लिया गया है।

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