सामना संवाददाता / मुंबई
कम उम्र में ही मुगलों से लड़ने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज को ‘पहाड़ का चूहा’ कहने वाले अफजल खान महाराज ने पेट फाड़कर आंत बाहर निकाल दी थी। अब जो सत्ताधारी युवाओं को ‘कॉकरोच’ कह रहे हैं, यही युवाशक्ति अगर उनका पेट फाड़कर आंत बाहर कर देगी तो इसके लिए जिम्मेदार किसे कहा जाएगा? क्योंकि अब लोगों के दिलों में आग भड़क चुकी है और इसके लिए सत्ताधारी ही जिम्मेदार हैं, ऐसा जोरदार हमला शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल भाजपा नेतृत्व वाली सरकार को चेताया। उन्होंने सवाल किया कि महाराज को ‘पहाड़ का चूहा’ कहने वाला अफजल खान और युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहने वाली भाजपा सरकार में आखिर क्या अंतर है? यशवंतराव चव्हाण प्रतिष्ठान में उद्धव ठाकरे डिंपल पब्लिकेशंस की तीन पुस्तकों के विमोचन के दौरान बोल रहे थे। मंच पर शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
उद्धव ठाकरे ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रबोधनकार ठाकरे ने लिखा है कि इंसान ने धर्म को जन्म दिया है। इसलिए धर्म को इंसान के जीवन में अनावश्यक हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है। उद्धव ठाकरे ने कहा कि मानवता ही सच्चा धर्म है, जो संत गाडगे बाबा का विचार था। भूखे को भोजन, प्यासे को पानी और जिसके पास कपड़े नहीं हैं, उसे कपड़े देना ही सच्चा धर्म है। लेकिन दुर्भाग्य से आज देश में युवाशक्ति से ज्यादा ‘बुवाशक्ति’ का बोलबाला बढ़ गया है।
…कोर्ट अब तारीख न दें
वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश में ऐसी स्थिति पैदा हो गई है कि भरोसा करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि जब शिवसेना न्याय मांगने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाती है, तो मामले चार-चार साल तक लंबित रहते हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब भगवान से यही प्रार्थना है कि सुप्रीम कोर्ट में २९ जुलाई की तारीख न मिले, वरना फिर एक साल तक इंतजार करना पड़ेगा। उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र की हत्या की जा रही है और संविधान को पैरों तले कुचला जा रहा है।
‘भाजपा को दफन किए बिना चैन से नहीं बैठूंगा’
उद्धव ठाकरे ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति ‘इस्तेमाल करो और फेंक दो’ की मानसिकता पर आधारित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन प्रभु श्रीराम के नाम पर भाजपा ने सत्ता हासिल की, उनका भी राजनीतिक इस्तेमाल करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा को लगा कि उद्धव ठाकरे के साथ भी ऐसा ही किया जा सकता है। लेकिन उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि याद रखना… मैं तुम्हें दफन किए बिना चैन से नहीं बैठूंगा।
