ईरान की जेल से सामने आया भयावह वीडियो
करीब १,५०० मृत्युदंड प्राप्त कैदियों की भूख हड़ताल; बीमार बंदियों को उपचार न मिलने का भी आरोप
ईरान की घेजेल हेसार जेल से सामने आए भयावह वीडियो ने देश में तेजी से दी जा रही फांसियों के खिलाफ वैâदियों के अभूतपूर्व विरोध को दुनिया के सामने ला दिया है। वीडियो में कुछ वैâदी सुई-धागे से एक-दूसरे के होंठ सिलते दिखाई दे रहे हैं। बताया गया है कि यह कदम मृत्युदंड के विरोध में जारी सामूहिक भूख हड़ताल के दौरान उठाया गया।
मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, तेहरान के निकट स्थित घेजेल हेसार जेल की यूनिट-२ में लगभग १,५०० ऐसे वैâदी बंद हैं, जिन्हें नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में मौत की सजा सुनाई गई है। भूख हड़ताल १३ जुलाई को उस समय शुरू हुई, जब छह वैâदियों को संभावित फांसी से पहले एकांत कोठरियों में भेज दिया गया।
वीडियो में वैâदी ‘फांसी बंद करो’ लिखी तख्तियां लेकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से उनकी आवाज बनने की अपील करते नजर आते हैं। एक अन्य वीडियो में दावा किया गया कि भूख हड़ताल के कारण कुछ वैâदियों की हालत बिगड़ गई, लेकिन जेल प्रशासन ने उन्हें चिकित्सा केंद्र ले जाने के लिए दरवाजे नहीं खोले। ओस्लो स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स संगठन के मुताबिक, वर्ष २०२६ में अब तक कम-से-कम ४२४ लोगों को फांसी दी जा चुकी है। इनमें बड़ी संख्या नशीले पदार्थों से संबंधित मामलों के दोषियों की बताई गई है। संगठन का आरोप है कि इनमें से अनेक लोग बड़े तस्कर नहीं, बल्कि गरीबी के कारण इस जाल में फंसे छोटे वाहक थे।
मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि वैâदियों द्वारा अपने होंठ सिल लेना केवल विरोध नहीं, बल्कि उस निराशा का प्रतीक है जिसमें बोलने, न्याय मांगने और अपनी जान बचाने के लगभग सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। हालांकि, ईरानी जेल प्रशासन की ओर से वीडियो और वैâदियों के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
