मुख्यपृष्ठनए समाचारभ्रष्टाचार पर वार करने वालों की साइड पोस्टिंग?.. `ईमानदारी से काम करोगे...

भ्रष्टाचार पर वार करने वालों की साइड पोस्टिंग?.. `ईमानदारी से काम करोगे तो हटा दिए जाओगे’… महायुति सरकार की नीति पर घमासान

रामदिनेश यादव / मुंबई

महाराष्ट्र की महायुति सरकार भ्रष्टाचारियों का जमकर संरक्षण कर रही है। इस सरकार के कार्यकाल में भ्रष्टाचारियों के हौसले शायद इसीलिए बुलंद हैं। इन पर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को सीधे दरकिनार कर दिया जा रहा है, यहां तक कि उन्हें साइड पोस्टिंग देकर परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। ऐसा आरोप विपक्ष लगता रहा है। लेकिन अब आईपीएस अधिकारी भाग्यश्री नटके का मामला सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सीएम देवेंद्र फडणवीस भी भ्रष्टाचारियों की मदद के लिए गुनहगार की श्रेणी में आने लगे हैं।
जी हां, महाराष्ट्र पुलिस की अधिकारी भाग्यश्री नटके के मामले ने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस अधिकारियों के कामकाज को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि टीईटी घोटाले के मामले में उन्होंने मंत्री के करीबियों को भी जेल में डाल दिया था, जिसके चलते ऐसे तेज-तर्रार अधिकारी को ईमानदारी की सजा भुगतनी पड़ रही है। उन्हें अब साइड पोस्टिंग दे दी गई है। नटके की स्थिति को देखकर अन्य अधिकारियों में दहशत का माहौल है। भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई को लेकर अधिकारी अब बचने लगे हैं। बता दें कि भाग्यश्री नटके ने पुणे पुलिस के आर्थिक अपराध विभाग में उपायुक्त रहते हुए टीईटी घोटाले की जांच में कई बड़े नामों पर कार्रवाई की थी। जिसमे एक मंत्री का करीबी भी शामिल था। बताया जाता है कि इस जांच के दौरान तत्कालीन शिक्षा परिषद आयुक्त तुकाराम सुपे और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सुशील खोडवेकर समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा क्षेत्र में चल रहे कथित भ्रष्टाचार के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ नटके की जांच को केंद्रीय साइबर प्रशिक्षण पोर्टल पर ‘केस स्टडी’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
विपक्ष ने किया विरोध
कांग्रेस नेता अली भोजनानी ने सरकार की इस नीति का विरोध करते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने प्रभावशाली लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की है, तो उसे संरक्षण और प्रोत्साहन मिलना चाहिए न कि उसके खिलाफ कार्रवाई और स्थानांतरण का सिलसिला शुरू होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस सरकार में भ्रष्टाचारी लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है?
भाजपा नेता के करीबी पर की थी कार्रवाई
बता दें नटके ने भाईचंद हीराचंद रायसोनी बहुराज्यीय पतसंस्था घोटाले की जांच की थी। इस मामले में एक आरोपी के कथित तौर पर भाजपा के एक मंत्री के करीबी होने का उल्लेख किया गया है। दूसरी ओर, बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी से जुड़े एक कथित घोटाले की जांच के दौरान भी नटके ने कार्रवाई की थी। इस मामले में एक पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के कथित करीबी व्यक्ति की गिरफ्तारी का भी जिक्र किया गया है।

अन्य समाचार