मुख्यपृष्ठस्तंभमुस्लिम वर्ल्ड: हदीद की मार से सहम गया अमेरिका!

मुस्लिम वर्ल्ड: हदीद की मार से सहम गया अमेरिका!

सूफी खान

पिछले दो हफ्तों में मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जो तबाही आई है, जो बर्बादी हुई है और जिसे छिपाने के अमेरिका लाख जतन कर रहा है, वो किसके जरिए हुई इसका खुलासा अब हो रहा है। ये हदीद की कार्रवाई का नतीजा है। हदीद, ईरान का एक ऐसा ड्रोन जिसने अमेरिका की मुश्किलों को खित्ते में बढ़ा दिया है। दुनिया जानती है कि ड्रोन तकनीक में ईरान का हाथ कोई नहीं पकड़ सकता। ये सस्ते लेकिन मारक ड्रोन अमेरिका के लिए इस कदर तबाही का सामान बनेंगे, ये तो खुद अमेरिका के भी तसव्वुर में नहीं था।
ईरान ने अमेरिका से निपटने के लिए नया हदीद-११० ड्रोन तैयार कर लिया है। ईरान ने इस तेज तर्रार ड्रोन ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों में तबाही मचाई है। इसने अमेरिकी सेना की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। ईरान ने अपने नए हदीद-११० स्टील्थ ड्रोन को लेकर बड़ा दावा किया है, इस ड्रोन को पहले के मुकाबले ज्यादा तेज, ज्यादा खतरनाक और रडार की पकड़ से बच निकलने वाला बताया है। हदीद-११० में करीब ३० किलोग्राम का विस्फोटक लगाया जा सकता है। इसकी रफ्तार करीब ३५० किमी प्रतिघंटा बताई गई है।
ईरान के इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि पिछले दो हफ्तों के दौरान ईरान ने इसी ड्रोन का पहली बार इस्तेमाल कर अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इसी से अमेरिकी जंगी बेड़ों पर हमले भी किये गए हैं।
अब तक ईरान के ज्यादातर ड्रोन प्रोपेलर से चलते थे और उनकी रफ्तार कम होती थी। लेकिन नया हदीद-११० टर्बोजेट इंजन से लैस है। यही वजह है कि इसे ईरान का अब तक का सबसे तेज ड्रोन माना जा रहा है। ड्रोन को पहले सॉलिड-फ्यूल बूस्टर से लॉन्च किया जाता है। इसके बाद हवा में पहुंचते ही इसका जेट इंजन चालू हो जाता है। जिससे यह तेजी से अपने लक्ष्य की ओर बढ़ता है। हदीद-११० की सबसे बड़ी ताकत सिर्फ इसकी रफ्तार नहीं, बल्कि इसकी स्टील्थ तकनीक भी है। इसका ढांचा इस तरह तैयार किया गया है कि रडार के लिए इसे पहचानना मुश्किल हो जाए। ड्रोन में ऊपर की तरफ एस-आकार का एयर इनटेक लगाया गया है, जिससे इंजन के ब्लेड रडार की नजर से छिपे रहते हैं। इसके अलावा इसकी बाहरी सतह पर रडार को चकमा देने के लिए खास तरह की परत चढ़ाई गई है, इससे इसकी पहचान और मुश्किल हो जाती है। इस ड्रोन के सामने आने के बाद अमेरिका और ईरान के बीच लगातार दो हफ्तों तक चले हमलों में अचानक ठहराव आ गया। दोनों देशों ने औपचारिक युद्धविराम की घोषणा नहीं की है, लेकिन फिलहाल हमले रुके हुए हैं।
मिडिल ईस्ट में जंग बढ़ रही है। ट्रंप नेतन्याहू की वॉशिंगटन में मुलाकात के बीच जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल मारकर ईरान ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इस बीच ईरान कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के अमेरिकी अड्डों पर अपने खतरनाक ड्रोन से भारी नुकसान कर चुका है। लेकिन खुद ईरान में आईआरजीसी यानी पासदाराने इस्लाम का दावा है कि उन्होंने अपनी ड्रोन यूनिट से अभी खतरनाक माल निकाला कहां है। ये तो सिर्फ अभी पटाखे हैं। असली असलहे तो निकलना बाकी है।

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