-रेखा सरकार पर हिंदू विरोधी होने का लोगों ने लगाया आरोप
योगेश कुमार सोनी / पूर्वी दिल्ली
दिल्ली में यमुना नदी के तट पर निगम बोध घाट के पास स्थित यमुना बाजार कॉलोनी के निवासियों पर बेघर होने का संकट गहरा गया है। डीडीए ने इस इलाके में सख्त कदम उठाते हुए 310 घरों को खाली करने का नोटिस चस्पा कर दिया है। प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों को अपने मकान खाली करने के लिए महज पंद्रह दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है, जिसके बाद से पूरे इलाके में दहशत और चिंता का माहौल है। कालोनी वासियों के अनुसार, उनके पास सौ से भी पुराने दस्तावेज है। जिस नियमावली में यह ज़मीन आती है उसमें ही कपड़ों व जूतों की मार्किट मोनेस्टी व गुरुद्वारा भी आता है। इसके अलावा भी बहुत सारी ज़मीन आती है, जिस पर बहुत कुछ बसा है लेकिन टार्गेट केवल यमुना बाज़ार की कॉलोनी को ही किया जा रहा है, जिससे वहाँ के लोग नाराज़ है को रेखा सरकार को हिंदू विरोधी सरकार भी बताया और कहा कि स्थानीय लोगों का कहना है कि वो यहां 7-8 पीढ़ियों से रहते हैं और धार्मिक परंपराओं को निभाने में अहम भूमिका निभाते हैं। अब सरकार उन्हें यहां से हटाने का प्रयास कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस जगह पर ब्रिटिश शासन काल से ही रह रहे हैं और उनकी कई पीढ़ियां यहां से गुजर चुकी हैं। अब लोगों का कहना है कि वो सरकार से बात करेंगे और अगर सरकार नहीं मानती है तो वो कोर्ट का रुख करेंगे।
