सामना संवाददाता / मुंबई
मूल रूप से कोंकण निवासी तथा बोरीवली (पूर्व), मुंबई के वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और वैश्य समाज के पदाधिकारी सुरेश आत्माराम लाड ने कणकवली रेलवे स्टेशन की गंभीर समस्याओं को उजागर करते हुए सवाल उठाया है कि कोंकण जाने वाले चाकरमानी भाइयों की परेशानी आखिर कब खत्म होगी? साथ ही कोंकण के अनेक रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म पर छत की सुविधा कब उपलब्ध कराई जाएगी?
उन्होंने कहा कि कणकवली सहित कोंकण के कई स्टेशनों पर यात्रियों को भारी सामान के साथ धूप और बारिश में बेहद कठिन परिस्थितियों में सफर करना पड़ता है। विशेष रूप से कणकवली स्टेशन पर प्लेटफॉर्म पर पर्याप्त छत न होने से यात्रियों को भारी कष्ट झेलना पड़ता है। सुरेश आत्माराम लाड ने इस संबंध में लिखित शिकायतें भी दर्ज कराई हैं, लेकिन रेलवे प्रशासन की सुस्त कार्यप्रणाली के कारण इन शिकायतों की लगातार अनदेखी की जा रही है। वे नियमित रूप से कणकवली मार्ग से आचरा तक यात्रा करते हैं और स्वयं इन समस्याओं का सामना कर चुके हैं। इसी कारण उन्होंने तमाम चाकरमानी यात्रियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए यात्रियों को राहत दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि कणकवली स्टेशन पर प्लेटफॉर्म पर छत न होने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों सहित सभी यात्रियों को भारी परेशानी होती है। भारी सामान लेकर सीढ़ियां चढ़ना-उतरना यात्रियों के लिए अत्यंत कठिन हो जाता है।
सुरेश लाड ने मांग की है कि आगामी श्री गणेशोत्सव से पहले प्लेटफॉर्म क्रमांक 2 के पूर्वी भाग में सीढ़ियां और सड़क निर्माण किया जाए तथा यात्रियों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि यात्री आसानी से रिक्शा सुविधा प्राप्त कर सुरक्षित बाहर निकल सकें।
