-विपक्ष के प्रदर्शन पर एसीपी का आदेश
-पुरी भगदड़ के बाद सामने आया सच
पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। करीब ४ बजे तड़के गुंडिचा मंदिर के पास भगदड़ मच गई, जिसमें ३ श्रद्धालुओं की मौत हो गई और ५० से ज्यादा लोग घायल हो गए। इस घटना के विरोध में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान आईपीएस अधिकारी नरसिंह भोल वीडियो में पुलिसकर्मियों से विरोध करने वालों के टांग तोड़ने का फरमान दे रहे हैं।
ओडिशा पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, नरसिंह ने कानून और व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई है। उसके बाद उनकी तैनाती भुवनेश्वर जैसे बड़े शहर में हुई। बता दें कि भुवनेश्वर में पुरी भगदड़ की घटना के विरोध में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन का एलान किया था। पुलिस ने सुरक्षा के लिए भारी बैरिकेडिंग की थी, जिसमें कांटेदार तार भी शामिल थे। इसी दौरान नरसिंह भोल का वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वह पुलिसकर्मियों को कहते हैं-अगर कोई यहां तक पहुंचे तो उसकी टांग तोड़ दो। पकड़ना नहीं है, बस टांग तोड़ देनी है। उन्होंने यह भी कहा कि जो ऐसा करेगा, उसे इनाम मिलेगा। उनका यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसकी तमाम लोगों ने आलोचना की। हालांकि नरसिंह ने सफाई दी कि उनका इशारा हिंसक प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने का था, न कि शांतिपूर्ण रैली पर। उन्होंने कहा कि मैं पुलिसकर्मियों को बता रहा था कि अगर प्रदर्शनकारी हिंसा करते हैं और कानून तोड़ते हैं तो कार्रवाई करें।
