उमेश गुप्ता / वाराणसी
पूर्वाचल सहित पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश का प्रभाव अब नदियों के जलस्तर पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पूर्वांचल में बाढ़ का दौर शुरू हो चुका है। गंगा नदी का जलस्तर पिछले 24 घंटों में लगभग दो फीट तक बढ़ गया है, जिसके कारण दशाश्वमेध घाट और शीतला घाट तक पानी पहुंच चुका है। इस स्थिति के चलते सभी प्रमुख घाटों का आपसी संपर्क टूट गया है।
आरती समितियों के अनुसार, बाढ़ के पानी को देखते हुए आरती स्थल में भी बदलाव किया जा रहा है। घाटों पर भीड़ का नियंत्रण अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है। नौकाएं अब घाट के सीढ़ियों पर आकर लगने लगी हैं, जिससे स्थिति और भी गंभीर हो गई है। जल पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें गंगा में लगातार सक्रियता से निगरानी कर रही हैं।
गंगा के बढ़ते जल स्तर और आगामी सावन के दूसरे सोमवार के दृष्टिगत, घाटों का भ्रमण और निरीक्षण निरंतर जारी है। प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कदम उठाने की योजना बनाई है। स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। इस बीच मौसम विभाग ने पूर्वांचल में और अधिक बारिश की संभावना जताई है, जिससे बाढ़ की स्थिति और भी बिगड़ सकती है।
