-अतरसुइया में करंट की चपेट में आने से कुसुम देवी की मौत
-जिम्मेदार अफसर झाड़ रहे पल्ला…जनता में भारी आक्रोश
राजेश सरकार / प्रयागराज
शहर के प्राचीन अतरसुइया मोहल्ले में बुधवार को सरकारी विभागों की भयानक जानलेवा लापरवाही से एक बुजुर्ग महिला असमय ही मृत्यु का शिकार हो गई। कल्याणी देवी मोहल्ले की रहने वाली ६५ वर्षीय बुजुर्ग महिला कुसुम देवी पत्नी छेदी लाल दोपहर करीब १२ बजे अपने घर के बाहर किसी काम से निकली थीं। उन्हें क्या पता था कि बिजली विभाग और नगर निगम का ‘खूनी गठजोड़’ मौत बनकर उनके बारजे (छज्जे) पर उतर चुका है। जैसे ही वह बारजे के पास पहुंचीं, वहां दौड़ रहे तगड़े करंट ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आनन-फानन में परिजन और स्थानीय लोग उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खौफनाक हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
तू-तू, मैं-मैं पर उतरे जिम्मेदार विभाग
हादसे के बाद हमेशा की तरह बिजली विभाग और नगर निगम अपनी खाल बचाने के लिए एक-दूसरे पर दोषारोपण करने में जुट गए हैं। कल्याणी देवी उपकेंद्र के जूनियर इंजीनियर (जेई) का दावा है कि करंट बिजली के खंभे से नहीं, बल्कि नगर निगम की स्ट्रीट लाइट के कनेक्शन से उतरा था। वहीं दूसरी तरफ, इस गंभीर लापरवाही पर खबर लिखे जाने तक नगर निगम के किसी भी जिम्मेदार अधिकारी का कोई पक्ष सामने नहीं आया है। स्थानीय जनता का सीधा आरोप है कि खंभे में करंट उतरने की वजह से ही यह पूरी जानलेवा घटना हुई।
पुलिस जांच के भरोसे
घटना की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विवेक राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस बेगुनाह मौत का असली जिम्मेदार कौन है? क्या हर बार की तरह इस बार भी फाइलें दबाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाएगा, या फिर इन लापरवाह अफसरों पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज होगा?
