सामना संवाददाता / मुंबई
कांग्रेस के पूर्व वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यपाल पद्मश्री डॉ. ज्ञानदेव यशवंतराव पाटील का निधन मंगलवार को कोल्हापुर में उनके पैतृक जिले में हुआ। ९० वर्ष की आयु में डॉ. डी वाई पाटील के निधन से राजनीतिक, शिक्षा व सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर पैâल गई। शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने डॉ. डी. वाई. पाटील को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा, ‘डी. वाई. पाटील केवल एक नाम नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती देने वाली एक संस्था थे। उनके निधन से महाराष्ट्र के सामाजिक और शिक्षा क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उन्होंने कहा कि उनके निधन से महाराष्ट्र ने अपने एक सपूत को खो दिया है। उद्धव ठाकरे ने डॉ. डी. वाई. पाटील को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शिवसेना और ठाकरे परिवार की ओर से शोक संवेदना व्यक्त की।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि डॉ. डी. वाई. पाटील कांग्रेस विचारधारा के एक निष्ठावान योद्धा के रूप में पहचाने जाते थे। उन्होंने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत विधानमंडल से की और आगे चलकर शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक संस्थागत कार्य किया। उन्होंने त्रिपुरा और बिहार जैसे राज्यों के राज्यपाल के रूप में भी अपनी जिम्मेदारी निभाई। उद्धव ठाकरे ने कहा कि डॉ. डी. वाई. पाटील के मन में शिवसेना के प्रति विशेष आत्मीयता थी। शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के साथ उनके आत्मीय संबंध थे और यही स्नेह ठाकरे परिवार के साथ भी जीवन के अंतिम समय तक कायम रहा।
