-९ दिनों से शुरू है आमरण अनशन
सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र प्रायोजित प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत काम करने वाले राज्यभर के संविदा कर्मचारी १४ वर्षों से अल्प वेतन पर काम कर रहे हैं। इतने कम वेतन में गुजारा करने के कारण इन कर्मचारियों पर भारी दबाव है। मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्रियों और ग्रामीण विकास मंत्रालय को बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। ऐसे में संविदा पर काम करने वाले सहायक सिविल इंजीनियर रामदास बर्डे पिछले नौ दिनों से आजाद मैदान में आमरण अनशन पर हैं और उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है।
वहीं दूसरी तरफ फडणवीस सरकार ने कर्मचारियों को धमकाते हुए कहा है कि, ‘सत्र के दौरान किसी भी तरह का हंगामा न करें।’ संविदा कर्मचारी संघ ने आरोप लगाया है कि आउटसोर्सिंग के जरिए आए कर्मचारियों को संविदा कर्मचारियों से अधिक वेतन दिया जा रहा है। संविदा कर्मचारियों को पीएफ और यात्रा भत्ता भी नहीं दिया जाता है। जूनियर इंजीनियर को २२,००० रुपए प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि चपरासी और ड्राइवर को ७,००० रुपए मिलते हैं। वरिष्ठ क्लर्क को केवल १२,००० रुपए दिए जाते हैं। ग्रामीण सड़क विकास अनुबंध कर्मचारी संघ, महाराष्ट्र राज्य के उपाध्यक्ष सागर कांबले ने बताया कि कई कर्मचारी कर्जदार हो गए हैं।
