मुख्यपृष्ठनए समाचारहर्षवर्धन को लगता है धमकी से डर! ...'कैसे दूं दादा का साथ,...

हर्षवर्धन को लगता है धमकी से डर! …’कैसे दूं दादा का साथ, जब मंच से ही मिलती है धमकी?’

पाटील ने रोया फडणवीस के सामने दुखड़ा
सामना संवाददाता / मुंबई
लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। महाराष्ट्र में सबसे अधिक चर्चा बारामती लोकसभा चुनाव सीट को लेकर शुरू है। इस पर अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार वर्तमान सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ने वाली हैं। अजीत पवार के खिलाफ शिंदे गुट के विजय शिवतारे ने बगावत का बिगुल बजाते हुए एलान कर दिया है कि वे निर्दलीय के तौर पर लोकसभा का चुनाव लड़ेंगे और दादा को सबक सिखाएंगे। शिवतारे के बाद अब भाजपा नेता और पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटील ने भी अजीत पवार के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की है। इसके बाद पाटील ने कल उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और अजीत पवार को लेकर अपना दुखड़ा रोते हुए कहा कि दादा का समर्थन करने में डर लगता है? क्योंकि उनके मंच से ही धमकी मिलती है। इसके अलावा जनता का काम नहीं होता है, तो उनकी मदद कौन करेगा।
क्या कहा हर्षवर्धन पाटील ने?
देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात के बाद हर्षवर्धन पाटील ने कहा कि महायुति में शामिल सभी दलों को महायुति धर्म का पालन करना चाहिए। उन्होंने अजीत पवार पर अप्रत्यक्ष रुप से निशाना साधते हुए कहा कि सार्वजनिक भाषणों में मुझे धमकाया गया। निचले स्तर की भाषा का उपयोग किया गया। लेकिन मंच पर मौजूद प्रतिनिधि ने कुछ नहीं कहा। मैंने इस बात को देवेंद्र फडणवीस के कानों तक पहुंचा दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि मैंने देवेंद्र फडणवीस को स्थानीय पदाधिकारियों की भावनाओं से भी अवगत करा दिया है।
उन्होंने आगे कहा कि मोदी को देश के प्रधानमंत्री के रूप में स्थापित करना हम सभी की जिम्मेदारी है। लेकिन स्थानीय स्तर पर जो समस्याएं उत्पन्न हुई हैं, उनका समाधान करना भी हम सभी की जिम्मेदारी है। हर्षवर्धन पाटील ने यह भी कहा है कि हम अगली बैठक में प्रमुख कार्यकर्ताओं से चर्चा करेंगे और स्थानीय स्तर पर मुद्दों को सुलझाने के लिए अजीत पवार से उनके कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस ने आश्वासन दिया है कि आपके सवालों का उचित समाधान किया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा की है।

अन्य समाचार

अब तक