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हाय रब्बा, यूपी में का होत बा बब्बा? … ‘महाराज’गंज में भाई-बहन का ही ब्याह!!! …सामूहिक विवाह योजना ने खोली उत्तरप्रदेश के समाज कल्याण की पोल

अधिकारियों, बिचौलियों और प्रशासन का झोल
मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
चुनाव आते ही यूपी में एक गाना गूजने लगता है, काबा, यूपी में का बा…अब इसी तर्ज पर आप गुनगुना सकते हैं कि हाय रब्बा, यूपी में का होत बा बब्बा…! दरअसल, यूपी के महाराजगंज से एक हैरानी भरी खबर आई है। वहां समाज कल्याण विभाग ने एक भाई-बहन की ही शादी करवा दी। अधिकारियों, बिचौलियों और प्रशासन के इस झोल ने समाज कल्याण विभाग की पोल खोलकर रख दी है।
गौरतलब है कि यूपी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में धांधली रुकने का नाम नहीं ले रही है। एक के बाद एक मामले सामने आ रहे हैं। बलिया, सोनभद्र, झांसी और अब इस लिस्ट में महाराजगंज का नाम भी जुड़ गया है। हद तो तब हो गई जब योजना के अनुदान के लालच में भाई ने बहन के साथ सात फेरे ले लिए। मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। महाराजगंज के लक्ष्मीपुर ब्लॉक में पांच मार्च को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम हुआ था। लक्ष्मीपुर ब्लॉक क्षेत्र के एक गांव की शादीशुदा युवती ने भी सामूहिक विवाह योजना में आवेदन किया था। जांच के बाद पांच मार्च को युवती के पति को आना था, लेकिन किसी कारण से वह नहीं आया। अधिकारियों और बिचौलियों ने उसके पति की जगह पर भाई को ही मंडप में बैठा दिया। यही नहीं, भाई के साथ बहन के सात फेरे भी करा दिए गए।
मामला जब सामने आया तो पहले अधिकारी इससे इनकार करते रहे, लेकिन मामला बढ़ता देख अब अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं और अनुदान राशि के भुगतान पर रोक लगाने में जुट गए। साथ ही योजना के तहत दिया गया सामान भी वापस लेने में जुटे हैं। लक्ष्मीपुर के बीडीओ अमित मिश्रा ने बताया कि एक युवती की फर्जी तरीके से भाई के साथ फेरे कराने का मामला सामने आया है। जांच के बाद सारा सामान वापस मंगा लिया गया है। जांच के बाद जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले बलिया का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें सैकड़ों दुल्हनों ने खुद ही वरमाला पहनी थी। मामले में एफआईआर दर्ज करने के साथ जांच के आदेश दिए गए थे। इसके कुछ दिन बाद ही सोनभद्र में सामूहिक विवाह योजना में धांधली देखने को मिली थी। यहां दुल्हन को चांदी के पायल-बिछिया न देकर स्टील और गिलट का सामान दिया गया था। साथ ही सामान भी नहीं मिला था। कुछ दिन पहले ही झांसी में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में गड़बड़ी मिली थी। बुंदेलखंड महाविद्यालय में विवाह समारोह में ९६ जोड़े शामिल हुए थे। यहां भी कई दुल्हनों ने खुद ही मांग भरी थी।

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