फिरोज खान
कमलदीप और मोहित दोनों बचपन के दोस्त थे और मानसा जिले के बरेटा कस्बे की एक ही कॉलोनी में रहते थे। उन्होंने बरेटा के एक ही स्कूल में १२वीं क्लास तक पढ़ाई की। इसके बाद कमलदीप को अपनी मेहनत से एमबीबीएस में एडमिशन मिल गया। लेकिन दोनों एक-दूसरे के टच में थे और काफी समय से एक साथ स्टॉक मार्केट में इंवेस्ट कर रहे थे। मोहित पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला से बी. कॉम. ड्रॉपआउट था, बाद में वह अपने पिता के ज्वेलरी बिजनेस में शामिल हो गया। और वह कमलदीप से मिलने रेगुलर पटियाला जाया करता था। मोहित कमलदीप से स्टॉक मार्केट में इंवेस्ट किए गए अपने पैसे के बदले करीब ४ लाख रुपए मांग रहा था, लेकिन कमलदीप पैसे नहीं लौटा रहा था। इसी बात को लेकर दोनों में कई दिनों से झगड़ा चल रहा था। आखिरकार मोहित को अहसास हुआ कि कमलदीप पैसे नहीं देगा तो उसने एक खतरनाक साजिश रची। प्लान कत्ल करने का था। योजना के मुताबिक, मोहित कमलदीप के मकान पर गया। कमलदीप ने लाल बाग कॉलोनी में किराए का घर ले रखा था, जो मेडिकल कॉलेज से करीब ९०० मीटर दूर है। कत्ल को अंजाम देने के लिए मोहित ने बाजार से चाकू खरीदा और अपनी पैंट में छिपाकर रखा। दोनों ने साथ में एक मूवी देखी, बाद में आईपीएल मैच देखा। मोहित हमला करने के फिराक में था, लेकिन मौका नहीं मिल रहा था। रात काफी गुजर चुकी थी। मोहित ने कमलदीप के साथ डिनर किया। सुबह होने को थी कि कमलदीप वॉशरूम जाने के लिए उठा। मोहित ने सोचा यह मौका सही है और कमलदीप पर पीछे से चाकू से हमला कर दिया। चाकू उसकी गर्दन में एक तरफ से दूसरी तरफ घुस गया, जिससे उसकी वोकल कॉर्ड कट गई और कमलदीप मदद के लिए चिल्ला भी नहीं सका, खून से लथपथ कमलदीप छटपटा रहा था और उसकी आवाज हलक में ही अटक कर रह जाती थी। कुछ देर बाद कमलदीप की मौत हो गई। हत्या को अंजाम देने के बाद मोहित ने कमलदीप के अकाउंट से २.५ लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर किए और फरार हो गया। हत्या की जांच कर रही पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज के आधार पर मोहित को गिरफ्तार कर लिया। मृत कमलदीप के पिता एक रिटायर्ड सरकारी स्कूल टीचर हैं, उन्होंने आरोपी के लिए मौत की सजा की मांग की है। कमलदीप के परिवार में उसके माता-पिता, एक बड़ी बहन जो डॉक्टर है और एक बड़ा भाई है जो एक बिजनेसमैन है। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि आरोपी मोहित ड्रग्स लेता था।
