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आरोपी को बचाने होटल में ‘मांडोली’! …मीटिंग करते पकड़ा गया जांच अधिकारी

भाजपा शासन में गृह विभाग की खुली पोल
आरटीआई से हुआ खुलासा
नागमणि पांडेय / मुंबई
भाजपा शासन में गृह विभाग के कुछ अधिकारी ही आरोपी के साथ ‘मांडोली’ कर रहे हैं। इसका खुलासा आरटीआई के माध्यम से हुआ है। ड्रग्स तस्करी, फर्जीवाड़ा और महिलाओं से छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामलों से जुड़े एक आरोपी को बचाने के लिए जांच अधिकारी आरोपी और उसके वकील के साथ होटल में मीटिंग करते पाए गए। इतना ही नहीं गिरफ्तारी से बचने के लिए जमानत के लिए व्हाट्सअप के माध्यम से कागजातों को उपलब्द्ध कराए जाने का खुलासा भी हुआ है। बता दें कि जनवरी २०२४ में राजस्थान के कोटा के रहने वाले आशीष बंसीलाल डागा को मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर भारी मात्रा मे ड्रग्स के साथ पकडा गया था। उस समय मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन के जांच अधिकारियों द्वारा आरोपी को २४ घंटे बाद कोर्ट में हाजिर किया गया, जहां कोर्ट ने आरोपी को जमानत दे दी। उस दौरान यह आशंका जताई गई कि ड्रग्स कारोबार से जुड़े आशीष डागा ने जांच अधिकारियों के साथ आर्थिक व्यवहार किया था, जो उसकी जमानत में मददगार साबित हुई।
आरोपी के साथ मिला हुआ था जांच अधिकारी
मुंबई की रहने वाली सुनीता दमानी ने आरटीआई के माध्यम से आशीष डागा से जुड़ी जानकारी निकाली। दरअसल, आशीष डागा और उसके पिता ने फर्जी कागजात तैयार कर सुनीता के नाम से तीन बार लोन ले चुके थे। इसकी शिकायत सुनीता ने मलबार हिल पुलिस स्टेशन में पिछले वर्ष अगस्त महीने में दर्ज कराई थी, इसके बावजूद आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया था। इस मामले में तत्कालीन डीसीपी को जानकारी मिली थी कि जांच अधिकारी आरोपी के साथ मिला हुआ है। जिसके बाद कुछ अधिकारियों की एक टीम अचानक नाना चौक स्थित श्रीकृष्ण होटल पहुंचीं तो जांच अधिकारी आरोपी और उसके वकील के साथ पाया गया। जिसके बाद जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश तत्कालीन अप्पर पुलिस आयुक्त दिलीप सावंत ने दी थी।
छेड़छाड़ पीड़िता को गुंडों से दिलाई धमकी
सूत्रों की मानें तो आरोपी आशीष डागा के खिलाफ एमआरए मार्ग पुलिस स्टेशन में भी छेड़छाड़ का मामला दर्ज है। उस समय शिकायत दर्ज कराने वाली लड़की के घर पर गुंडों को भेजकर शिकायात वापस लेने का दबाव डाला गया था।

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