राजेश सरकार / प्रयागराज
लंबे इंतजार के बाद बुधवार को संगम नगरी में मानसून ने आखिरकार दस्तक दे दी। सुबह से आसमान में छाए बादलों ने लोगों में बारिश की उम्मीद जगा दी। दोपहर बाद शहर के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जबकि कुछ क्षेत्रों में बादल केवल गरजकर आगे बढ़ गए। बारिश का वितरण असमान रहने से कई मोहल्लों के लोग अच्छी वर्षा का आनंद लेते रहे, वहीं कई इलाके सूखे ही रह गए।
शहर के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि दक्षिणी क्षेत्र के अधिकांश हिस्सों में बारिश नहीं होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। हालांकि, मौसम में आए इस बदलाव से भीषण गर्मी और उमस से कुछ हद तक राहत जरूर मिली। तापमान में हल्की गिरावट और ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का अहसास कराया।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 2025 में मानसून की पहली प्रभावी बारिश 21 जून को हुई थी, जबकि इस बार जून के अंतिम दिन और जुलाई के पहले दिन मानसून का आगाज हुआ है। मौसम में देरी के कारण लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ा। मंगलवार को भी दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश बहुत कम स्थानों पर हुई। शाम के समय कुछ इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश दर्ज की गई। इसके बावजूद उमस कम नहीं हुई और लोगों को पूरे दिन पसीने से परेशान रहना पड़ा।
लगातार गर्मी और अत्यधिक उमस का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में घमौरियां, त्वचा पर लाल दाने, खुजली और जलन जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि अत्यधिक पसीना और नमी के कारण त्वचा संबंधी रोगों के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने, पर्याप्त पानी पीने और सूती कपड़े पहनने की सलाह दी जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक जिले में बादलों की आवाजाही बनी रहने और कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
