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राम मंदिर चढ़ावा चोरी… अविनाश शुक्ला के घर नकदी के अलावा बारकोड लगा ‘रामराज्य कोष’ लिखा संदूक मिला

मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बुधवार को आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा के घर पुलिस ने छापेमारी की। दस्तावेजों को खंगाला और परिजनों से भी पूछताछ की। इस बीच, आठ में से सात आरोपियों के घरों से हुई बरामदगी का ब्योरा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे अधिक 20 लाख रुपये नकद जेल में बंद अविनाश शुक्ला के पास से मिले हैं। इसके अलावा 1121 डॉलर, यानी करीब एक लाख छह हजार रुपये तथा सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद हुए हैं। टिन्नू के पास से एक लाख रुपये और उसके भतीजे के पास से दो लाख रुपये नकद मिले हैं।
अविनाश के अयोध्या स्थित योग सेंटर पर 28 जून को पुलिस ने छापा मारा था। वहां एक संदूक बरामद हुआ था। उस पर लाल रंग से ‘रामराज्य कोष’ लिखा था। साथ ही पेटीएम का क्यूआर कोड भी लगा था। छापेमारी का वीडियो बुधवार सुबह सामने आया।
इधर, राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज की तबीयत बिगड़ गई है। उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चोरी मामले की जांच कर रही एसआईटी को सरकार ने 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावा चोरी की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी शामिल किया जा सकता है। अयोध्या पुलिस ने लखनऊ के अधिकारियों से इसका आग्रह किया है।
मंगलवार को पुलिस ने फैजाबाद जेल में बंद सभी आठों आरोपियों से पूछताछ की। सबसे लंबी पूछताछ अविनाश से हुई। दो घंटे चली पूछताछ में 5 जून को उसके घर से बरामद नकदी और आभूषणों को लेकर सवाल-जवाब किए गए।
राम मंदिर परिसर में तैनात 400 निजी सुरक्षाकर्मी भी जांच के घेरे में हैं। उनकी ड्यूटी, रोस्टर, सीसीटीवी तथा एंट्री-एग्जिट रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा जिस निजी सुरक्षा कंपनी के पास था, वह बिहार के एक पूर्व सांसद की है। ट्रस्ट इस पर हर महीने एक करोड़ रुपये खर्च करता था। यानी निजी सुरक्षा पर सालाना 12 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे थे।
चंपत राय से रविवार को पुलिस ने करीब तीन घंटे पूछताछ की थी। उनसे पूछा गया कि उन्हें चढ़ावा चोरी की जानकारी पहली बार कब और कैसे मिली तथा उसके बाद उन्होंने क्या-क्या कदम उठाए। इससे पहले कोर्ट ने सोमवार को चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी।
राम मंदिर में पिछले 17 वर्षों से तैनात रेडियो ऑपरेशन अधिकारी (आरएमओ) अर्जुन देव का तबादला गोरखपुर कर दिया गया है। एसआईटी ने उनकी भूमिका को भी जांच के दायरे में लिया है। चढ़ावे की गिनती वाले काउंटिंग रूम के सीसीटीवी समेत राम मंदिर परिसर में लगे 1600 कैमरों की निगरानी की जिम्मेदारी उनके पास थी।
पहली बार चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया। 25 जून को एफआईआर दर्ज हुई। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसी दिन मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया।
इस बीच, कौशाम्बी से सपा सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने राम मंदिर का उद्घाटन किया था। वहां हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे थे। इसके बावजूद उनकी नाक के नीचे चोरी हो गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में कहा था कि राम मंदिर के संचालन के लिए एक ट्रस्ट बनाया जाएगा। जिन लोगों पर चंदे में गड़बड़ी के आरोप हैं, वे सीधे प्रधानमंत्री से मुलाकात करते हैं। उनसे बात करते हैं। इसके बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही है, जबकि छोटे लोगों को आरोपी बनाकर उनकी बलि चढ़ाई जा रही है।

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