मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : टीम इंडिया में भी होगा सत्ता परिवर्तन

आउट ऑफ पवेलियन : टीम इंडिया में भी होगा सत्ता परिवर्तन

अमिताभ श्रीवास्तव

लीजिए अब टीम इंडिया में भी सत्ता परिवर्तन का खेल हो सकता है। टी २० के कप्तान सूर्यकुमार यादव को हटा कर श्रेयस अय्यर को टीम का कप्तान बनाया जा सकता है। क्रिकेट हालकों में चर्चा है कि आईपीएल २०२६ के बाद सूर्या पर गाज गिरनी तय है। माना जा रहा है कि जून में सीनियर टीम के सिलेक्टर्स की मीटिंग होनी है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो श्रेयस अय्यर की न सिर्फ भारतीय टी-२० टीम में वापसी होगी बल्कि उन्हें कप्तान भी बनाया जा सकता है। फिलहाल, कप्तान के रूप में सूर्यकुमार यादव का कार्यकाल खत्म होते नजर आ रहा है। यह देखना बाकी है कि क्या वह एकमात्र फॉर्मेट में बतौर बैटर खेलते रहेंगे या उनकी टीम से भी छुट्टी हो जाएगी। हालांकि, ३५ वर्षीय सूर्या ने अगले दो साल तक कप्तान बने रहने की इच्छा बार-बार व्यक्त की है, वह अगले वर्ल्ड कप और ओलंपिक में भी वैâप्टेंसी संभालना चाहते हैं। अपने पिछले कार्यकाल में सूर्या ने भारत को २०२६ टी-२० विश्व कप का खिताब दिलाया था, जिसमें उन्होंने नौ पारियों में २४२ रन बनाए थे, इनमें से ८४ रन उन्होंने टीम के पहले मैच में अमेरिका के खिलाफ बनाए थे। उस मैच को छोड़कर दाएं हाथ के इस बल्लेबाज को पूरे टूर्नामेंट में फ्लॉप रहना पड़ा। जुलाई २०२४ में सबसे छोटे प्रारूप में कप्तानी संभालने के बाद से सूर्या का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है। कप्तानी मिलने के बाद से सूर्या ने ४५ मैचों में केवल ९३२ रन बनाए हैं और उनका प्रदर्शन लगातार खराब रहा है। यह बल्लेबाज कलाई की समस्या से भी जूझ रहा है और दर्द-तकलीफ के बावजूद खेल रहा है। समझा जा रहा है कि श्रेयस अय्यर को यह भार सौंपा जा सकता है। हालांकि नाम तो संजु सैमसन और ईशान किशन का भी सामने आ रहा है।

जेल में कैदी से अफसर का इश्क
बात यदि विदेशी जेलों की हो तो यह सामान्य सी खबर होती है कि किसी महिला जेल अधिकारी को वैâदी से इश्क हो गया। मगर बात भारत की है तो सनसनी बन ही जाएगी। जी हां, जेल अफसर फिरोजा खातून और उम्रवैâद की सजा काट चुके धर्मेंद्र सिंह की अनोखी प्रेम कहानी इन दिनों चर्चा का विषय बन गई है। सतना सेंट्रल जेल में मुलाकात के बाद दोनों करीब आए और धर्मेंद्र की रिहाई के चार साल बाद शादी कर ली। हत्या के मामले में सजा काट चुके धर्मेंद्र को अच्छे आचरण के आधार पर रिहा किया गया था। छतरपुर जिले के चंदला इलाके का रहने वाला धर्मेंद्र साल २००७ में एक पार्षद की हत्या और शव दफनाने के मामले में गिरफ्तार हुआ था। फिरोजा खातून सतना सेंट्रल जेल में असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट के तौर पर तैनात थीं। सख्त अनुशासन और जिम्मेदार कार्यशैली के लिए उन्हें जाना जाता था। मगर दोनों के बीच इश्क हो गया और जेल में ही यह रिश्ता पनपता रहा। हालांकि, छन-छन कर खबरें बाहर तो आ रही थीं, मगर किसी ने सोचा नहीं था कि जब वैâदी रिहा होकर बाहर आएगा तो दोनों शादी कर लेंगे। १४ साल बाद वो बाहर आया और फिरोजा ने उससे शादी कर ली। है न अनोखी खबर।

अन्य समाचार