मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : पराजित संन्यासी

आउट ऑफ पवेलियन : पराजित संन्यासी

अमिताभ श्रीवास्तव
हांगकांग टेनिस ओपन में हार के तुरंत बाद सोराना सिर्स्टीया ने टेनिस से संन्यास ले लिया। दुनिया की १५वें नंबर की खिलाड़ी को विश्व टॉप १०० रैकिंग से भी बाहर की खिलाड़ी एलेक्जेंड्रा शुब्लाद्जे ने एकतरफा मुकाबले में क्या हराया उसे संन्यास के लिए भी मजबूर कर दिया। जी हां, ३६ साल की सिर्स्टिया ने पहले माना था कि २०२६ प्रो टेनिस टूर पर उनका आखिरी साल होगा। वह कोर्ट पर बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रही थीं, उन्होंने डबल्यूटीए टूर टाइटल भी जीता था और फ्रेंच ओपन के क्वार्टर फाइनल तक पहुंची थीं। उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से यह अनुभवी खिलाड़ी वर्ल्ड रैंकिंग में अपने करियर की बेस्ट नंबर १५ पर पहुंच गई। हालांकि, उनके करियर का अंत दुखद रहा, क्योंकि हांगकांग में उन्हें ६-२, ६-३ से हार का सामना करना पड़ा। सिर्स्टिया डबल्यूटीए २५० इवेंट में टॉप सीड के तौर पर पहुंची थीं, लेकिन ९० मिनट से भी कम समय में हार गर्इं। इसका मतलब है कि जब तक वह अपना फैसला नहीं बदलती, तब तक यह हार उसके करियर का आखिरी मैच होगी। पूरे सीजन में सिर्स्टिया से कई बार पूछा गया कि क्या वह खेलना जारी रखेंगी या नहीं। मई में इटैलियन ओपन में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘हर कोई मुझसे पूछ रहा है, जैसे, ‘आप रिटायर नहीं हो सकते, आप रिटायर नहीं हो सकते!’
पूरी टीम बॉल टेम्परिंग में शामिल
यह बहुत बड़ा बयान है जिससे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट में भूचाल पैदा हो गया है। दरअसल, २०१८ के सैंडपेपरगेट कांड को लेकर पूर्व ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। उनका दावा है कि गेंद से छेड़छाड़ की जानकारी सिर्फ स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर और कैमरन बैनक्रॉफ्ट को नहीं, बल्कि पूरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को थी। ख्वाजा के मुताबिक, साउथ अफ्रीका के खिलाफ इससे पहले गकेबरहा टेस्ट में भी सैंडपेपर का इस्तेमाल हुआ था। उस्मान ख्वाजा ने यह बातें सिडनी मॉर्निंग हेराल्ड को दिए इंटरव्यू में कहीं हैं उनकी आत्मकथा ‘सब्र’ में भी इस विवाद का जिक्र है, जो जल्द रिलीज होने वाली है। ख्वाजा ने कहा, ‘यह हम सभी थे। ना बल्लेबाज, ना गेंदबाज और ना ही स्टाफ इससे अलग था। हम सभी को इसकी जानकारी थी।’ उन्होंने बताया कि घटना के बाद ड्रेसिंग रूम में उन्होंने खिलाड़ियों से पूरी टीम के तौर पर जिम्मेदारी लेने की अपील की थी। उस्मान ख्वाजा का मानना था कि बॉल टेम्परिंग का ठीकरा केवल तीन खिलाड़ियों पर नहीं फोड़ा जाना चाहिए। हालांकि, उनकी यह बात नहीं मानी गई और स्टीव स्मिथ, डेविड वॉर्नर के साथ-साथ वैâमरन बैनक्रॉफ्ट को प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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