मुख्यपृष्ठनए समाचारबांकीपुर में पीके जीते, बिहार में भाजपा हारी

बांकीपुर में पीके जीते, बिहार में भाजपा हारी

-भाजपा अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष की भी सीट नहीं बचा पाई

अनिल मिश्र / पटना

कभी विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के रणनीतिकार रहे और जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपने पहले ही चुनाव में इतिहास रच दिया है। आज सोमवार को बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव का परिणाम सामने आया। प्रशांत किशोर ने भाजपा का गढ़ कही जाने वाली इस सीट पर बड़ी जीत हासिल कर ली है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज के खेमे में जश्न का माहौल है। वहीं ये रिजल्ट भारतीय जनता पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि ये सीट भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से जुड़ी हुई थी। उनके राज्यसभा जाने के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई जिस कारण उपचुनाव हुए। भाजपा ने बांकीपुर सीट जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया था, लेकिन प्रशांत किशोर की रणनीति भाजपा की स्ट्रेटजी पर भारी पड़ गई है।आज सोमवार को पटना के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव की काउंटिंग के नतीजे आ गए हैं। पूरे 32 राउंड की काउंटिंग के बाद प्रशांत किशोर ने बीजेपी के 30 साल पुराने गढ़ को ढहा दिया है। अपनी पार्टी जन सुराज के बैनर तले प्रशांत किशोर ने कम मार्जिन से बड़ी जीत दर्ज कर ली है। प्रशांत किशोर को 32 राउंड की गिनती के बाद 63946 वोट मिले। जबकि दूसरे नंबर पर रहे बीजेपी के नीरज कुमार सिन्हा को 44700 वोट ही मिले। वहीं राजद तीसरे नंबर पर खिसक गया। पार्टी की उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता को 14241 वोट ही मिल पाए।बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि 30 साल का गढ़ 30 दिन में ढह गया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि पीएम मोदी को चाहिए कि सम्राट चौधरी को बिहार के सीएम पद से हटाकर किसी अच्छे व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाएं। प्रशांत किशोर की जीत में खास बात ये रही कि पूरे 31 राउंड में कभी भी उन्होंने बीजेपी को हावी होने ही नहीं दिया। एक भी राउंड में बीजेपी प्रशांत किशोर को पछाड़ नहीं पाई।दरअसल बांकीपुर विधानसभा सीट नितिन नवीन के भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने और राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई थी। 1995 से ही बांकीपुर भाजपा के अभेद्य किला बना हुआ था। 1995 से 2005 तक नवीन किशोर बांकीपुर (तब पटना पश्चिम सीट) से विधानसभा चुनाव जीतते रहे। उनके निधन के बाद नितिन नवीन 2006 में पहली बार उपचुनाव में जीत हासिल कर के विधायक बने। इसके बाद से वह 2025 तक इस सीट से विधायक रहे। हालांकि, अब प्रशांत किशोर ने इस किले को ढाह दिया है।इस बीच बांकीपुर से विधायक बने जनसुराज पार्टी के सुत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा है कि सम्राट चौधरी से निजी दुश्मनी नहीं है।जन सुराज पार्टी के संस्थापक और बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में विजयी उम्मीदवार प्रशांत किशोर ने कहा, “सम्राट चौधरी से मेरी कोई व्यक्तिगत दुश्मनी नहीं है। यह किसी व्यक्ति विशेष का मामला नहीं है, बल्कि यह सवाल है।जिस भाजपा को हम वोट देते हैं, क्या उसकी जिम्मेदारी सिर्फ गुजरात के प्रति है? गुजरात में 1 लाख करोड़ रुपये की बुलेट ट्रेन बन रही है, लेकिन क्या उन्हें बिहार के लोगों के बारे में भी नहीं सोचना चाहिए?” 1.प्रशांत किशोर- जन सुराज पार्टी- 63946 वोट (+19324) जीते।2. नीरज कुमार- भारतीय जनता पार्टी- 44700 वोट (-19324) हारे- दूसरे नंबर पर।3. रेखा कुमारी- राष्ट्रीय जनता दल- 14241 वोट (-49705) हारीं- तीसरे नंबर पर रही रही है।यह चुनाव बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश की निगाहें टिकी हुई थी। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद जहां यह पहला चुनाव था। वहीं इस सीट से राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद बने नितिन नवीन का भी पहला चुनाव था वहीं जनसुराज के सुत्रधार का भी खुद चुनाव लड़ने का पहला ही चुनाव है। करीब नौ महीने पहले यानी दो सौ साठ दिन पहले जहां भारतीय जनता चुनाव जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। वहीं जनसुराज एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। वहीं राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री बनने का सपना पर भी मतदाताओं ने पानी फेर दिया था। वहीं इस बार भी लालू प्रसाद यादव की लालटेन की लौ धीमी रही।अब आने वाले समय ही बताएगा कि जाति -पाती और धर्म से बिहार उपर उठती है।या बांकीपुर से प्रशांत किशोर को लॉलीपॉप देकर उतने में ही खुश रखता है।

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