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पीएम मोदी तोड़ रहे हैं लोगों को दिए वचन…शरद पवार का प्रधानमंत्री पर साधा निशाना

सामना संवाददाता / मुंबई

चुने जाने के बाद मैं आपसे जो वोट जिस नाम, जिस पार्टी, जिस उद्देश्य से मांगा, वो नाम, पार्टी सभी आप भूल गए हो। फिर आप लोगों के साथ धोखा करते हो। यह धोखा नहीं होना चाहिए। राजनीति में लोगों को दिए गए वचन का पालन करना चाहिए। लोगों के भविष्य का सम्मान किया जाना चाहिए। इस शब्दों का इस्तेमाल करते हुए एक तरह से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा।
बारामती में आयोजित एक सम्मेलन में शरद पवार बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं। वे बारामती में आकर भाषण दिए। उस समय उन्होंने कहा कि वे शरद पवार की उंगली पकड़कर राजनीति में आए हैं। हालांकि, आज जो उनकी राजनीति चल रही है, वो मेरे विचारों में नहीं हैं। मेरी उंगलियां पकड़ने के बाद मैं ऐसे काम कतई नहीं करने दूंगा। मोदी सरकार की नीतियां लोगों के हित में नहीं हैं। प्रधानमंत्री क्या कहते हैं? प्रधानमंत्री टैक्स लगाते हैं और वसूल करते हैं। यह गारंटी वैâसी? वसूलते हैं १०० रुपए और केवल छह रुपए लौटाते हैं। १०० वसूल करने की गारंटी यह आज के प्रधानमंत्री कहते हैं। यह आम व्यक्ति के लिए सही बात नहीं है। यह देशहित में नहीं है। जहां हित नहीं है, वहां परिवर्तन अवश्य होना चाहिए। पवार ने कहा कि अगर बदलाव लाना है तो लोकसभा चुनाव महत्वपूर्ण हैं।
ईडी की कार्रवाई पर साधा निशाना
ईडी की कार्रवाई को लेकर भी शरद पवार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आज सत्ता का उपयोग तानाशाही की राह पर जाने के लिए किया जाता है। क्या आप झारखंड को जानते हैं? यह आदिवासियों का राज्य है। मोदी के खिलाफ रुख अपनाया। मुख्यमंत्री को जेल में डाल दिया गया। दिल्ली देश की राजधानी है। केजरीवाल नाम का एक साधारण परिवार का युवक मुख्यमंत्री बन गया।
देश जानता है राकांपा की स्थापना किसने की?
चुनाव में बटन दबाना चाहिए। अबकी बार चिन्ह अलग है। घड़ी चिन्ह आपको याद थी। पार्टी, घड़ी, झंडा सब चोरी हो गया। शेष खुदरा कुछ नहीं, थोक चोरी हुई। सबके सब छोड़कर चले गए। अब पूरा देश जानता है कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की स्थापना किसने की? यह वह पार्टी है जिसे हमने स्थापित किया है। जिन्होंने इसे लिया उन्होंने पिछले चुनाव में भी वोट मांगे। वह किसके नाम पर मांगा? राष्ट्रवादी के नाम पर, नेता के नाम पर। झंडा कौन सा था? वे जा चुके हैं! चलो नए लोगों को खड़ा करें। नया पक्ष बनाएं।

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