मुख्यपृष्ठस्तंभस्कैम्स एंड  स्कैंडल्स : दोपहर: सत्ता के नाम, शाम: छलकता जाम!

स्कैम्स एंड  स्कैंडल्स : दोपहर: सत्ता के नाम, शाम: छलकता जाम!

(सत्ता में सुंदरी की घुसपैठ -५)
श्रीकिशोर शाही
पामेला एक बेहद खतरनाक खेल खेल रही थीं। वह दिन में मंत्रियों और रसूखदार सांसदों के साथ बैठकर सत्ता की बारीकियां समझतीं और शाम ढलते ही मशहूर संपादकों के साथ महंगी शराब के प्याले साझा करतीं। यह वह सुनहरा समय था जब पामेला को लगने लगा था कि पूरी ‘फ्लीट स्ट्रीट’ (मीडिया) और ‘वेस्टमिंस्टर’ (संसद) उनकी उंगलियों के इशारे पर नाच रहे हैं। लेकिन ताकत, रसूख और मीडिया के इसी नशीले कॉकटेल ने उस खतरनाक बारूद को भी तैयार कर दिया था, जिसमें महज एक चिंगारी लगने की देर थी और वह चिंगारी पामेला के इस शानदार महल को जल्द ही राख में मिलाने वाली थी।
अब जब मीडिया में पामेला के बारे में खबरें छपने लगीं तो लोगों को उसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने की उत्सुकता बढ़ती चली गई। क्या वह सत्ता के गलियारे में भटनके वाली कोई सुंदरी मात्र थी या फिर सिर्फ कोई पेज ३ सेलिब्रेटी थी। या फिर कोई बड़ी ताकतवर राजनीतिक हस्ती। मगर पता नहीं चल पा रहा था। बस इतना पता था कि उस दौर में ब्रिटेन के इलीट क्लास में वह एक ऐसी हॉट बेब बनकर उभरी थी, जिसे पाने की चाहत हर किसी के मन में बैठ चुकी थी। जो पामेला को नहीं भी जानता था, वह अखबारों में छपने वाली उसकी फोटो देखकर आहें भरने लगा था। तो यह था पामेला का जादू। चूंकि पामेला के सरनेम में बोर्डेस लगा था इसलिए तुरंत पता नहीं चला कि उसका संबंध भारत से था। आज वाला इंटरनेट और एआई का दौर तो था नहीं कि फोटो डालो और एक सेकंड में सारी कुंडली बाहर। कुछ खबरची पामेला की कुंडली खंगालने में जुट गए थे और तब जाकर पता चला कि पामेला का संबंध तो भारत से था। यह एक ब्रेकिंग न्यूज थी। अब अटकलें लगने लगीं कि अगर यह सुंदरी भारत से आई थी तो क्या किसी ने उसे ब्रिटेन में प्लांट किया था? क्या वह कोई सरकारी जासूस थी? जितने मुंह उतनी बातें सुनने को मिल रही थीं। इस तरह पामेला की मिस्ट्री गहराने लगी थी।
(शेष अगले अंक में)

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