मुख्यपृष्ठनए समाचारमहायुति राज में चारों तरफ ‘भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है’!..‘आरटीओ की कराओ जांच’!

महायुति राज में चारों तरफ ‘भ्रष्टाचार ही भ्रष्टाचार है’!..‘आरटीओ की कराओ जांच’!

सामना संवाददाता / मुंबई

विधानसभा में आरटीओ में चल रहे भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, कर चोरी और वाहन पंजीकरण प्रक्रिया में अनियमितताओं के मुद्दे पर जोरदार चर्चा हुई। कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि आरटीओ में एक बड़ा गिरोह सक्रिय है। उन्होंने अधिकारियों के नाम लेते हुए उनकी कथित बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सदन में प्रस्तुत की। उन्होंने नागपुर के आरटीओ में चोरी के वाहनों के पंजीकरण समेत बड़े पैमाने पर अनियमितताएं होने का आरोप लगाया। साथ ही मांग की कि इस गिरोह से जुड़े और १५ वर्ष से अधिक समय से कार्यरत अधिकारियों की विशेष जांच दल से जांच कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। विजय वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि कई अधिकारी मिलकर अवैध वसूली का काम करते हैं। इतना ही नहीं, जो अधिकारी अवैध वसूली से इनकार करते हैं, उन्हें निशाना बनाया जाता है। परिवहन कारोबारियों के माध्यम से शिकायतकर्ता खड़े किए जाते हैं और भ्रष्टाचार निरोधक कार्रवाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से परिस्थितियां तैयार की जाती हैं। इसके जरिए ईमानदार अधिकारियों को झूठे मामलों में फंसाकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का प्रयास किया जाता है।
‘सरकार दे रही है संरक्षण’!
दो दिनों की बारिश ने पूरे राज्य को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई स्थानों पर भूस्खलन और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। इसी बीच मात्र दो महीने पहले उद्घाटन किए गए संपर्क मार्ग के प्रवेश द्वार के पास भूस्खलन हो गया। इस घटना ने सरकार के विकास कार्यों की गुणवत्ता और नागरिकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसी मुद्दे को लेकर शिवसेना नेता अंबादास दानवे ने महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री केवल बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन समुद्री मार्ग, अटल सेतु और संपर्क मार्ग जैसी सभी परियोजनाओं की बदहाल स्थिति देखकर साफ है कि जनता का पैसा केवल ठेकेदारों की झोली में डालने का काम किया जा रहा है और इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है। वर्षा सत्र के दौरान विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अंबादास दानवे ने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि प्रति घंटे २४० किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाली हवा भी इस संपर्क मार्ग का कुछ नहीं बिगाड़ पाएगी। लेकिन हकीकत यह है कि मात्र ९० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा में ही इस संपर्क मार्ग में पूरी तरह पानी टपकने लगा। इतना ही नहीं, इसके प्रवेश द्वार पर बड़े पैमाने पर भूस्खलन भी हो गया।

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