सामना संवाददाता / मुंबई
सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने नई मुंबई में एक परिवार को सिडको की १५० एकड़ जमीन अवैध रूप से आवंटित करके पांच हजार करोड़ रुपए का कथित घोटाला किया है। यह आरोप राष्ट्रवादी कांग्रेस (शरदचंद्र पवार) पक्ष के विधायक रोहित पवार ने लगाया था। इस मामले की जांच के आदेश सुप्रीम कोर्ट की उच्चाधिकार समिति ने राज्य के मुख्य सचिव को दी है।
बताया जाता है कि संजय शिरसाट ने नई मुंबई में पांच हजार करोड़ रुपए की १५० एकड़ जमीन बिवलकर परिवार को दी थी, जिसने मराठा साम्राज्य के खिलाफ अंग्रेजों की मदद की थी। रोहित पवार ने आरोप लगाया था कि शिरसाट ने उस आदेश पर हस्ताक्षर किए थे। रोहित पवार ने उस मामले को `गैंग ऑफ गद्दार’ नाम दिया था। इस मामले में उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से शिरसाट की शिकायत कर तुरंत इस्तीफा लेने की मांग की थी। इसके साथ ही पवार ने इस मामले की सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से कराने की भी मांग की थी।
पवार के आरोप पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा था कि रोहित पवार केवल आरोप न लगाएं, बल्कि सबूत भी पेश करें। वहीं रोहित पवार का कहना था कि मुख्यमंत्री को १२ हजार पन्नों के सबूत देने के बाद भी उन्होंने जांच नहीं की। पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट अपलोड किया। जिसमें उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की हाई पावर कमेटी ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
