अजय भट्टाचार्य
भारत की संसद से अनेक रोचक तथ्य अब तक उद्घाटित हुए हैं, जिन्हें जानना हर भारतवासी का अधिकार है। पहला यह कि पोरस ने सिकंदर को १७ बार हराया था। यह बात खुद पोरस के गुरु ने उपहास के छात्रों को सपने में आकर बताई थी। दूसरा यह कि १९६० में सरदार पटेल को नेहरू ने रेडिओ स्टेशन के अंदर जाने से रोका था। तीसरा यह कि एस जयशंकर देश के गृह मंत्री हैं और जो सुपर गृह मंत्री हैं वे उपहास (पढ़ें इतिहास) के धुरंधर विद्यार्थी रहे हैं। जिनकी उम्र संसद पर हमले के समय तीन साल थी और जो मोदी के हनुमान की पार्टी से लोकसभा सांसद हैं, उनकी जानकारी के अनुसार २००१ में देश में कांग्रेस की सरकार थी। अब आप सुविधानुसार इनमें से हर बयान को सुन/पढ़कर ठहाका लगा सकते हैं, क्योंकि इतिहास जाननेवाले तो ये सब सुनकर सिर पीट रहे हैं।
जुनून
परलोक में चिरनिद्रा में लीन भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की नींद अचानक टूट गई। कहते हैं परलोक में नींद तभी टूटती है जब कोई याद करता है। नेहरू उठकर धर्मराज के पास पहुंचे और पूछा कि प्रभो! मुझे कौन याद कर रहा है। धर्मराज बोले- मैं तुम्हें दिव्य दृष्टि व श्रवण शक्ति देता हूं तुम ही पता कर लो। नेहरू का सूक्ष्म शरीर भारत की राजधानी में ७ लोक कल्याण मार्ग स्थित घर के अंदर गया और वहां किसी को नींद में ‘नेहरू… नेहरू…’ बुदबुदाते देखा/सुना। अपने प्रति इतना गहरा जुनून देखकर नेहरू गदगद हो वापस परलोक लौट गए!
पानी कम का असर
विष्णु पुराण में भगवान विष्णु के ११वें अवतार का वर्णन है, जिसमें उनके कूर्म अवतार का जिक्र है। कूर्म अर्थात कछुआ बनकर भगवान ने समुद्र मंथन में मंदराचल पर्वत को अपनी पीठ पर धारण किया था। कछुआ अधिकतर समय पानी में रहता है। कहते हैं कि शरीर में पानी की कमी हो जाती है तो स्वाभाविक है कि खून में भी पानी की मात्रा कम हो जाती है, जिसका असर दिमाग पर भी पड़ता है। कई बार दिमाग तक पर्याप्त रक्त न पहुंचने के कारण सामनेवाले को भगवान विष्णु, राम या कृष्ण का अवतार नजर आने लगता है। दादर में एक सम्मान समारोह में भक्त प्रजाति की नई खेप के पूर्व विधायक-मंत्री जी ने महामानव को विष्णु के ११वें अवतार बताया है। मेरी सलाह है कि उन्हें सही मात्रा में पानी पीना चाहिए।
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार एवं स्तंभकार हैं तथा व्यंग्यात्मक लेखन में महारत रखते हैं।)
