सामना संवाददाता / सुल्तानपुर
यूपी सरकार में प्रस्तावित ‘पेयरिंग नीति’ के तहत ५० से कम नामांकन वाले २० हजार प्राथमिक विद्यालयों का समीपवर्ती स्कूलों में विलय व १५० छात्र संख्या वाले विद्यालयों में प्रधानाध्यापक का पद समाप्त किए जाने की योजना से शिक्षक नाराज हो उठे हैं।
इस मुद्दे पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने आंदोलन का एलान कर दिया है।
प्राशिसं के जनपदीय प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि ‘पेयरिंग नीति’ से उपजे व्यापक असंतोष की सुगबुगाहट संघ के प्रांतीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा तक पहुंची, जिसके बाद उन्होंने समस्त जिलाध्यक्षों को ३० जून को संवाद के माध्यम से सहमति-असहमति प्रस्ताव पारित कर प्रांतीय नेतृत्व को भेजने का निर्देश दिया।
निर्देशानुसार ३० जून को सभी जिलों के ब्लॉक मुख्यालयों पर बैठकें हुईं और सर्वसम्मति से पारित प्रस्तावों को प्रांतीय कार्यालय भेजा गया। इसके बाद प्रांतीय अध्यक्ष ने तत्काल एक संयुक्त कार्यसमिति की बैठक आहूत कर आगामी संघर्ष की रणनीति तय की।
तीन चरणों में होगा आंदोलन
३-४ जुलाई को सभी शिक्षकगण अपने क्षेत्रीय विधायक व सांसद को ज्ञापन सौंपेंगे। ६ जुलाई को शिक्षक समुदाय द्वारा ट्वीट अभियान चलाया जाएगा। ८ जुलाई को सभी जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रांतीय नेतृत्व ने इसे शिक्षक, अभिभावक व पंचायत प्रतिनिधियों के हित में ऐतिहासिक निर्णय करार दिया है।
शिक्षक समाज पूरी तरह एकजुट है और शिक्षण व्यवस्था को बर्बाद करने वाली नीतियों के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करेगा।
