राजेश सरकार / प्रयागराज
यूपी के कुंभ नगरी प्रयागराज में तेजी से हो रहे अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस कमीश्नरी विफल साबित हो रही है। योगी सरकार के सर्वोच्च वरीयता वाला मिशन शक्ति अभियान सिर्फ कागजों और प्रचारों में दिख रहा है। हकीकत में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा राम भरोसे है। गुरुवार सुबह प्रयागराज के यमुनानगर जोन में घूरपुर थाना क्षेत्र के कांटी गांव की 15 वर्षीय एक किशोरी का गला रेतकर बेरहमी से कत्ल कर दिया गया। ग्रामीणों ने उसका रक्तरंजित शव घर से करीब खेत के किनारे पड़ा देखा तो सनसनी फैल गई। किशोरी की पहचान कांटी गांव निवासी एक मजदूर की बेटी के सरिता (बदला नाम) के रूप में हुई है। परिवार वालों ने बताया कि सरिता मानसिक रूप से दिव्यांग थी। रोज की तरह वह गुरुवार सुबह करीब 5.30 बजे घर से निकली थी, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटी। इसके बाद सुबह उजाला होने पर ग्रामीणों ने खेत के पास उसकी लाश देखी। किशोरी की गर्दन को धारदार हथियार से रेता गया था। गले में गहरे घाव के निशान मिले हैं। सूचना पर घूरपुर पुलिस, एसओजी व फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से खून के नमूने, पैरों के निशान और अन्य साक्ष्य एकत्र किए। डीसीपी यमुनानगर विवेक चंद्र यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह साफ हुआ है कि किशोरी की हत्या धारदार हथियार से की गई है। अब तक की पूछताछ में परिवार ने किसी से दुश्मनी या रंजिश से इनकार किया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस उपायुक्त का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही हत्यारा गिरफ्त में होगा और हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा।
