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बस यही बाकी रह गया था…!

डॉलर पर चमकेगा ट्रंप का चेहरा

दुनिया भर के तिकड़म, जुगाड़ और ‘द आर्ट ऑफ द डील’ के सारे पन्ने पलटने के बाद भी डोनाल्ड ट्रंप को शांति का नोबेल प्राइज तो नहीं मिल पाया। लेकिन ट्रंप साहब ‘हारकर जीतने वाले को बाजीगर’ नहीं, बल्कि ‘नियम बदलकर खुद को छापने वाले ट्रंप’ कहते हैं! अब उन्होंने वो काम कर दिखाया है जो इतिहास में कोई नहीं कर सका। जल्द ही जब भी कोई अमेरिकी डॉलर (वो भी सीधे त्र्२५० का चमचमाता नोट!) हाथ में लेगा, तो उस पर ट्रंप साहब का मुस्कुराता हुआ चेहरा दिखाई देगा, जो मानों आपसे धीमे से पूछेगा,’ और सब ठीक है न?
वैसे तो अमेरिकी कानून साफ कहता है कि किसी भी जीवित व्यक्ति की तस्वीर करेंसी पर नहीं हो सकती। लेकिन जब बात ट्रंप की हो, तो नियमों की ऐसी की तैसी! इसके लिए बाकायदा कानून बदलने की तैयारी चल रही है। वैसे भी, ट्रंप के करीबियों ने ‘कमेमोरेटिव गोल्ड कॉइन’ (स्मारक सिक्कों) के कानूनी लूपहोल का फायदा उठाकर पहले ही उनका चेहरा सिक्कों पर ढालने की मंजूरी दे दी है। आलोचक भले ही इसे राजा-महाराजाओं और तानाशाहों वाली सनक कहें, पर ट्रंप के लिए तो यह बस एक और ‘पर्सनल ब्रांडिंग’ है!
अब आने वाली सदियों तक जब भी दुनिया के किसी कोने में कोई इंसान इस त्र्२५० के नोट को देखेगा, तो उसके दिमाग में अमेरिकी महाशक्ति का गौरव नहीं, बल्कि एक ही बात गूंजेगी, ‘बिजनेस हो तो ऐसा, जो सीधे देश की करेंसी को ही अपना विजिटिंग कार्ड बना दे!’ डॉलर अब सिर्फ ग्लोबल करेंसी नहीं, बल्कि ट्रंप का मर्चेंडाइज बन चुका है!

अब भारतीय रुपए का क्या? ट्रंप से कुछ सीखो भाई!
जब अमेरिका जैसा महाशक्तिशाली देश अपनी फजीहत की परवाह किए बिना अपने त्र्२५० के नोट पर ट्रंप का मुस्कुराता चेहरा छाप सकता है, तो भला हम भारतीय इस ‘करेंसी-स्वैग’ की रेस में पीछे क्यों रहें? अब वक्त आ गया है कि हम भी अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कुछ ऐसा ही क्रांतिकारी और जादुई कदम उठाएं। आखिर भारतीय रुपए की गिरती वैल्यू को रोकने के लिए हमारे अर्थशास्त्री सालों से दिमाग खपा रहे हैं, लेकिन समाधान कितना आसान है ‘तस्वीर बदलो, तकदीर बदलो!’ अगर रुपए पर भी महात्मा गांधी जी की सादगी भरी तस्वीर के साथ कुछ कड़क, चमचमाती और ‘बढ़िया’ तस्वीरें लगा दी जाएं, तो हो सकता है कि रातों-रात रुपए की वैल्यू डॉलर को भी पीछे छोड़ दे! अंत में, ट्रंप साहब के इस कदम ने पूरी दुनिया के नेताओं को एक नया विजन दे दिया है। सचमुच, बस यही बाकी रह गया था!

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