सामना संवाददाता / इटावा
यूपी के इटावा में पानी पीने के लिए छात्र ने छुट्टी मांग ली तो गुरुजी नाराज हो गए और छात्र-छात्राओं को तालिबानी सजा देने पर उतर आए। छात्र को मुर्गा बना दिया और मुंह में बीड़ी का छिलका और तंबाकू जबरन डाल दिया। इससे छात्र बेहोश हो गया। एक दिन इस प्रधानाध्यापक ने चार बच्चों के साथ मारपीट भी की थी। ग्रामीणों की शिकायत पर जब पुलिस पहुंची तब गुरुजी ने सभी के सामने बीड़ी के लंबे-लंबे कश लेकर अपनी ताकत का एहसास कराया।
विकास खंड ताखा के प्राथमिक स्कूल नगला गंगे मे तैनात प्रधानाध्यापक सुनील कुमार पिछले पांच महीने से बिना किसी अधिकारी की अनुमति से स्कूल में ही रह रहे हैं। जिस कक्षा में बच्चों को शिक्षा मिलनी चाहिए उस कमरे को गुरु जी ने अपना ऑफिस और कमरा बना रखा है। कमरे में एक चारपाई पड़ी हुई है। मेज पर बीड़ी-माचिस सहित उनके उपयोग के जरूरी सामान भी पड़े हुए हैं। बुधवार को स्कूल पढ़ने गया कक्षा चार का छात्र पानी पीने के लिए प्रधानाध्यापक सुनील से अनुमति मांगने गया। गुरुजी इसी बात पर नाराज हो गए और छात्र की पिटाई कर दी। आरोप है कि छात्र को सुनील ने मुर्गा बनाया और उसके मुंह में बीड़ी और तंबाकू डाल दी। पीड़ित छात्र ने बताया शिक्षक उसको तब तक मुर्गा बनाए रहे, जब तक वह बेहोश नही हो गया। होश आने पर बाउंड्री फांदकर घर पहुंचा। अपनी बुआ को घटना बताई तो वह शिक्षक को उलाहना देने पहुंची। बुआ ने आरोप लगाया कि शिक्षक उन्हें भी बैल्ट से मारने के लिए दौड़ा। शिक्षक ने स्कूल का गेट अंदर से बंद कर लिया। तब ग्रामीणों ने डीएम व बीएसए और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गेट खुलवाया।
सभी के सामने शिक्षक ने बीड़ी ली और माचिस से जलाकर कस लगाते हुए कहा उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। स्कूल में मौजूद कक्षा चार के छात्रा ने बताया कि छुट्टी के समय उसने गुरु जी से कह दिया छुट्टी का समय हो गया। इसी बात पर उसकी पिटाई कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुनील को गिरफ्तार कर लिया।
