-विपक्ष बोला, राजनीति में व्यस्त हैं `देवाभाऊ’
सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सवालों के घेरे में राज्य के मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस पर विपक्ष लगातार हमलावर है। लेकिन फडणवीस आंकड़ों के आड़ में राज्य में अपराध की तमाम मामलों को बड़ी चालक से दबाने का प्रयास करते हैं। अब आरटीआई के तहत फडणवीस के गृह विभाग में ही पुलिस विभाग में बड़े पैमाने पर पद खाली होने का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। सूचना के अधिकार से सामने आई जानकारी के अनुसार ३० जून २०२६ तक महाराष्ट्र पुलिस विभाग में स्वीकृत २ लाख २५ हजार ४६१ पदों में से २३ हजार ३२० पद खाली हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब पुलिस बल ही भारी कमी से जूझ रहा है, तो राज्य में कानून-व्यवस्था और आम नागरिकों की सुरक्षा वैâसे सुनिश्चित होगी? वहीं दूसरी ओर विपक्ष ने महायुति सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस राजनीति में व्यस्त हैं। उन्हें राज्य की सुरक्षा को कोई चिंता नहीं है।
बता दें कि महाराष्ट्र में गृह विभाग की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। राज्य में अपराध, महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं, वहीं पुलिस विभाग में हजारों पद खाली पड़े हैं। ऐसे में सरकार की प्राथमिकताओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस विभाग में कुल २ लाख २५ हजार ४६१ पद स्वीकृत हैं। इनमें से २ लाख २ हजार १४१ पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि २३ हजार ३२० पद खाली हैं। सबसे गंभीर स्थिति पुलिस कांस्टेबल संवर्ग में है। यहां १६ हजार ५१६ पद रिक्त हैं।
‘गृह मंत्री’ फडणवीस के सामने बड़ा सवाल
राज्य में अपराध पर नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा, साइबर अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी और संगठित अपराध जैसी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे विपक्ष का सवाल है कि जब राज्य में पुलिस बल की इतनी बड़ी कमी है, तो सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर बड़े-बड़े दावे किस आधार पर कर रही है?
