मुख्यपृष्ठसमाचारमहापुरुषों की प्रतिमाओं की अनदेखी क्यों? शिवसेना ने उठाया सवाल

महापुरुषों की प्रतिमाओं की अनदेखी क्यों? शिवसेना ने उठाया सवाल

रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई

स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मैं उसे लेकर रहूंगा। ब्रिटिश साम्राज्य से देश को आजादी दिलाने वाले तथा सार्वजनिक गणेशोत्सव के माध्यम से देश के लोगों को जोड़ने वाले स्वतंत्रता सेनानी श्री बाल गंगाधर तिलक की एक अगस्त को पूरे देश में उनकी पुण्यतिथि मनाई गई। कार्यालयों में लगे फोटो पर माल्यार्पण कर उन्हें आदरांजलि दी गई। 1 अगस्त शनिवार को जब दक्षिण मुंबई शिवसेना कोलाबा विधानसभा प्रमुख विकास मयकर जब अपने शिव सैनिकों के साथ जे जे उड़ान पुल के नीचे स्थापित श्री बालगंगाधर तिलक की प्रतिमा के पास उन्हें आदरांजलि देने पहुंचे तो वहां की दुर्दशा देख दंग रह गए । उन्होंने ने देखा की न तो उस प्रतिमा के आस पास साफ कोई सफाई की गई है और न ही मनपा द्वारा उन्हें कोई पुष्पहार ही अर्पित किया गया है ।बी वार्ड मनपा की इस अनदेखी से शिव सैनिक नाराज हो गए और प्रतिमा के बाहर लगी जाली पर ही पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें अपनी आदरांजलि दी।इस मामले में विकास मयकर ने मनपा को पत्र लिखकर सवाल पूछा कि कि मुंबई में स्थापित महापुरुषों के प्रतिमाओं की अनदेखी क्यों की जा रही है?उनका सवाल है कि इनके देख रेख तथा साफ सफाई की जिम्मेदारी किसकी है?जब कि यह सरकार स्वच्छ मुंबई स्वच्छ भारत का हमेशा ढिंढोरा पीटती रहती है ।इस अवसर पर शिवसेना उप विभाग प्रमुख बाजीराव मालसुरे,उप शाखा प्रमुख रंजीश जाधव, तथा प्रशांत वाघ उपस्थित थे।

अन्य समाचार