सामना संवाददाता / मुंबई
अनंत चतुर्दशी पर गणपति विसर्जन के दौरान उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को संभालने के लिए मुंबई पुलिस ने अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की है। शहरभर में २३ हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जबकि प्रमुख विसर्जन स्थलों और जुलूस मार्गों पर १० हजार सीसीटीवी वैâमरों से निगरानी होगी। इनमें चेहरे पहचानने वाली तकनीक से लैस एआई वैâमरे भी शामिल हैं।
ड्रोन के माध्यम से भीड़ का घनत्व देखा जाएगा। किसी स्थान पर क्षमता से अधिक भीड़ जमा होने पर अतिरिक्त पुलिसबल भेजा जाएगा। गिरगांव, जुहू, बांद्रा, वर्सोवा, पवई और मढ़-मार्वे सहित प्रमुख विसर्जन स्थलों पर विशेष नजर रहेगी।
बंदोबस्त में ३,२१३ अधिकारी, १८,९४० पुलिसकर्मी और १,०५० प्रशिक्षु शामिल हैं।
यातायात संभालने के लिए ३,५०० से अधिक ट्रैफिककर्मी तैनात किए जाएंगे। भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी तथा कई मार्ग बंद या परिवर्तित किए जाएंगे। पुलिस ने रेलवे और मेट्रो प्रशासन से रातभर अतिरिक्त सेवाएं चलाने का समन्वय किया है। पांच क्षेत्रीय नियंत्रण कक्ष भी स्थिति पर नजर रखेंगे।
ाातायात संभालने के लिए ३,५०० से अधिक ट्रैफिककर्मी तैनात किए जाएंगे। भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी तथा कई मार्ग बंद या परिवर्तित किए जाएंगे। पुलिस ने रेलवे और मेट्रो प्रशासन से रातभर अतिरिक्त सेवाएं चलाने का समन्वय किया है। पांच क्षेत्रीय नियंत्रण कक्ष भी स्थिति पर नजर रखेंगे।
विसर्जन सुरक्षा का भारी-भरकम हिसाब
व्यवस्था आंकड़ा
कुल पुलिस बंदोबस्त- २३,२०३
पुलिस अधिकारी- ३,२१३
पुलिसकर्मी- १८,९४०
प्रशिक्षु- १,०५०
सीसीटीवी एवं एआई कैमरे- १०,०००
ट्रैफिक पुलिसकर्मी- ३,५००+
विसर्जन स्थल- ३४१
क्षेत्रीय नियंत्रण कक्ष- ५
निगरानी एआई कैमरे और ड्रोन
विशेष बल आरएएफ, एसआरपीएफ, फोर्स वन, क्यूआरटी
बड़ा सवाल
आंकड़ों में मजबूती, लेकिन लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा की गारंटी पर कागज कोरा!
