-कर्जमाफी और तत्काल नकद सहायता की मांग
-दशहरे के बाद प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे उद्धव ठाकरे
सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में अतिवृष्टि और बाढ़ से तबाह किसानों को तत्काल आर्थिक सहायता देने तथा उनका कृषि ऋण पूरी तरह माफ करने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि संकट की घड़ी में डबल इंजन सरकार किसानों के काम नहीं आ रही है। केंद्र और राज्य सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसानों की दिवाली काली न हो।
मातोश्री में पत्रकारों से बातचीत में उद्धव ठाकरे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पहले किसानों के लिए बड़े पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन कितनी सहायता वास्तव में किसानों के खातों तक पहुंची, इसका हिसाब सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि राज्य में बारिश से खेत, फसलें और घर तबाह हो गए हैं और किसानों पर कर्ज बढ़ रहा है, फिर भी सरकार पंचनामे और घोषणाओं में समय क्यों गवां रही है?
उद्धव ठाकरे ने मांग की कि ५ अक्टूबर का इंतजार किए बिना तत्काल सहायता घोषित की जाए। उन्होंने फसल बीमा योजना पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इससे बीमा कंपनियों को लाभ हुआ, जबकि बड़ी संख्या में किसान मुआवजे से वंचित रहे। सरकार बताए कि कितने किसानों ने प्रीमियम भरा, कितनी राशि कंपनियों को मिली और कितने किसानों को इसका लाभ मिला तथा उन्हें भुगतान किया गया।
उन्होंने शिवसैनिकों को प्रभावित क्षेत्रों में सहायता केंद्र खोलने और किसानों को पंचनामा, मुआवजा तथा कर्जमाफी संबंधी कागजी कार्रवाई में मदद करने के निर्देश दिए। उद्धव ठाकरे इस आपदा की स्थिति का जायजा लेने दशहरे के बाद स्वयं सोलापुर, संभाजीनगर और विदर्भ के प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगे।
