सामना संवाददाता / मुंबई
अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच की 495वीं काव्य गोष्ठी कोपर खैराने 74, देविका रो हाउस में बुधवार, 30 जुलाई को मूसलाधार बारिश में सावन साहित्य उत्सव मनाया गया। उपस्थित साहित्यकारों ने सावन के उपलक्ष्य में बहुत ही शानदार कविता, गजल, कजरी सुनाकर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. दयानंद तिवारी, अध्यक्षता सेवा सदन प्रसाद ने की। कार्यक्रम का संचालन पवन तिवारी और त्रिलोचन सिंह अरोड़ा ने किया। मुख्य अतिथि दयानंद तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज युवा साहित्यकारों को पढ़ने की बहुत आवश्यकता है पढ़ना और चिंतन करना, फिर मनन कर लिखें। आज पढ़ने की क्षमता कम होती जा रही है। उसमें सुधार करना चाहिए। सेवा सदन प्रसाद ने कहा कि कुछ लोग अपनी कविता सुना कर भागने की कोशिश करते हैं, वह नहीं होना चाहिए। सुनना और पढ़ना दोनों ही आवश्यक है। आप लोग औरों का भी सुनें और समझें कि किसने क्या लिखा है, फिर आप लिखें तो निखार आएगा। मंच के अध्यक्ष अलका पांडे ने बताया कि दयानंद तिवारी को कुछ कवियों ने अपनी पुस्तक भेंट की। मंचस्थ सभी अतिथियों का सम्मान किया गया, साथ ही साथ कमलेश गुप्ता क्राइम पॉइंट के संपादक का भी स्वागत किया गया। काव्य गोष्ठी में ओमप्रकाश पांडेय, मंजू गुप्ता, अलका पांडे, पवन तिवारी, सत्यभामा सिंह, सत्यवती मौर्य, त्रिलोचन सिंह, चंद्रिका व्यास, विश्वम्भर दयाल तिवारी, राम प्यारे सिंह रघुवंशी, सुरेंद्र प्रताप गई, शारदा प्रसाद दुबे, रामजी लाल वर्मा, पल्लवी रानी, ओम प्रकाश सिंह, मदन गोपाल गुप्ता अकिंचन, रत्नेश पाठक, कुमार जैन, दिलीप ठक्कर, कल्पेश यादव, सुनीता गुप्ता, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप उपस्थित थे।अंत में संस्था की ओर से मंजू गुप्ता ने सभी का आभार व्यक्त किया।
