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कबूतरों को दाना डालना बना गुनाह! … हाई कोर्ट का बड़ा आदेश

सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई के दादर स्थित कबूतरखाने में लगातार नियमों की अनदेखी और सार्वजनिक स्वास्थ्य को हो रहे नुकसान पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने मुंबई मनपा को निर्देश दिया है कि जो लोग प्रतिबंध के बावजूद कबूतरों को दाना डालते पाए जाएं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए।
यह आदेश मीडिया रिपोर्ट और दादर कबूतरखाने की ताजा तस्वीरों के आधार पर दिया गया, जिसमें सड़कों पर पैâले पंख, गंदगी और धूल की वजह से राहगीरों को तकलीफ होती दिखाई गई थी। अदालत ने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की गतिविधियां न केवल अस्वच्छता पैâलाती हैं, बल्कि यह बीमारियों का कारण भी बन सकती हैं। न्यायालय ने कहा, ‘अगर कोई कानून का पालन नहीं करना चाहता तो कानून को अब उन पर सख्ती से अमल करना चाहिए।’ अदालत ने साफ किया कि धार्मिक या सांस्कृतिक मान्यताओं के नाम पर जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जा सकता। कोर्ट ने बीएमसी को निर्देश दिया है कि वह कबूतरखानों में विशेष सीसीटीवी वैâमरे लगाकर निगरानी बढ़ाए और वहां नेट या अन्य आवरण लगाकर कबूतरों को दाना डालने से रोके। इसके साथ ही बीट मार्शल और निगरानी अधिकारी पूरे दिन के लिए तैनात करने को कहा गया है। अदालत ने पुलिस को भी निर्देश दिया है कि मनपा अधिकारियों को पूरी सुरक्षा दी जाए. ताकि वे बिना किसी दबाव के कार्रवाई कर सकें। अगली सुनवाई ७ अगस्त को होगी। तब तक अगर किसी ने कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन किया, तो उसके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई भी की जा सकती है। यह मामला अब सिर्फ कबूतरों या परंपराओं तक सीमित नहीं रहा। यह साफ हवा, स्वच्छता और नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा बन चुका है।

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