तालिबानी सजा पर भड़का विपक्ष
उत्तर प्रदेश के मथुरा में यह घटना प्रदेश में पुलिस तंत्र की क्रूरता और भ्रष्टाचार की भयावह तस्वीर पेश करती है। गोवर्धन थाना क्षेत्र के अडींग चौकी के चौकी इंचार्ज कपिल नागर पर आरोप है कि उन्होंने एक किसान, बृज किशोर, को बर्बरता से पीटा। किसान का कसूर सिर्फ यह था कि उसने चौकी इंचार्ज द्वारा मांगी गई २०,००० रुपए की रिश्वत की शिकायत `मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल’ पर दर्ज कराई थी। इस शिकायत का बदला लेते हुए पुलिस ने बृज किशोर और उसके पिता को चौकी बुलाकर हिरासत में लिया और युवक के गुप्तांगों पर लातें मारते हुए निर्दयता से पिटाई की, जिससे हालत गंभीर हो गई और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट्स और परिजनों के अनुसार, पुलिस न केवल हिंसा में लिप्त रही, बल्कि शिकायत वापस लेने के लिए दबाव भी बनाया गया। पीड़ित परिवार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। मामला जैसे ही सामने आया, एसएसपी ने जांच के आदेश दिए हैं और मेडिकल रिपोर्ट के आने की प्रतीक्षा की जा रही है। इस घटना ने विपक्ष को भी सरकार पर हमला बोलने का अवसर दे दिया है। समाजवादी पार्टी की विधायक डॉ. रागिनी सोनकर ने बयान दिया कि योगी सरकार में न्याय केवल कागजों तक सीमित है, जबकि गरीबों और किसानों को प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। उन्होंने इसे `योगीराज की सच्चाई’ बताते हुए पुलिस पर सख्त कार्रवाई की मांग की। यह मामला न केवल पुलिस की अमानवीयता को दर्शाता है, बल्कि इस बात पर भी रोशनी डालता है कि आज भी भ्रष्टाचार के खिलाफ बोलने वाला आम नागरिक कितना असुरक्षित है। जब शिकायत करना ही अपराध बन जाए, तो न्याय और लोकतंत्र के सिद्धांत खोखले हो जाते हैं।
लखीमपुर खीरी में चौकी
इंचार्ज की गुंडागर्दी
अपराधों को छुपाने को लेकर चर्चित ओयल चौकी इंचार्ज ने एक और नया कारनामा कर दिखाया है। दरअसल, लखीमपुर खीरी के ओयल में मेढ़क मंदिर के पास एक महिला से मंगलसूत्र की लूट हुई, जिस पत्रकार ने इस घटना को दिखाया, उसके खिलाफ कार्रवाई करते हुए चौकी इंचार्ज पटेल राठी ने उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया।
यूपी में जंगलराज
उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने मथुरा में एक सब-इंस्पेक्टर द्वारा एक युवक को चौकी में बुलाकर पीटने और प्राइवेट पार्ट पर लात-घूंसों से वार करने पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने `एक्स’ पर लिखा, `मुख्यमंत्री जी, क्या आपसे आपकी कथित `मित्र’ पुलिस की शिकायत करने पर अब तालिबानी सजा मिलेगी?’ क्या अब भी न कहा जाए कि प्रदेश में जंगलराज है?’
