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फर्जी राजदूत जैन नहीं कर रहा जांच में सहयोग…सख्ती करने पर बीमारी का करता है ड्रामा

– केंद्र के एक बड़े अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संबंध की बात आई सामने

रमेश ठाकुर / नई दिल्ली

विगत दिनों गाजियाबाद में जाली दूतावास चलाने वाला हर्षवर्धन जैन नाम का महाठग पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। दोनों को अपनी मनोहर कहानियों में उलझाता है। जांचकर्मी जब थोड़ी-बहुत सख्ती दिखाते हैं, तो तबीयत खराब होने का नाटक करने लगता है। बार-बार शौचालय जाता है। गुरुवार को एसटीएफ की टीम दस्तावेज बरामद करने के लिए उसे कई स्थानों पर ले गई, लेकिन वहां से कुछ भी बरामद नहीं हुआ। क्योंकि हर्षवर्धन की गिरफ्तारी के बाद से उसके रिश्तेदार और जानकार चौकन्ने हो गए हैं और सबूतों के साथ जहां-तहां भाग गए हैं। इसके अलावा एसटीएफ इंटरपोल के जरिए हर्षवर्धन का विदेशों में अपराध का रिकॉर्ड भी खंगालने में जुटी है। केंद्रीय स्तर के एक टॉप अधिकारी का नाम सामने आया है, जो ठग जैन के संपर्क में था। वहीं 10 धनाढ्य लोगों की लिस्ट भी अधिकारियों के हाथ लगी है, जो पैसे देकर जैन के जरिए विभिन्न देशों के दूतावास में काउंसलर बनना चाहते थे। इसके अलावा विदेशी मंत्रालय से जुड़े कई फर्जी दस्तावेज भी बरामद हुए हैं। आस-पास के लोगों ने बताया है कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का जैन के फर्जी दूतावास में लगातार आना-जाना होता था।

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