मुख्यपृष्ठनए समाचारमंत्रियों के बड़बोलेपन से डरी महायुति... निकाय चुनाव से पहले पुलिस तबादलों...

मंत्रियों के बड़बोलेपन से डरी महायुति… निकाय चुनाव से पहले पुलिस तबादलों से साधा गया सत्ता संतुलन!

-७५ दिनों में २५२ अफसरों के तबादले में दिखी सत्ता की चालबाजी

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई

निकाय चुनाव नजदीक आते ही महायुति सरकार में खलबली मच गई है। मंत्रियों के विवादित बयानों और बड़बोलेपन से जनता में बढ़ते असंतोष के बीच अब सरकार ने ‘तबादला राजनीति’ के जरिए हालात संभालने की कोशिश शुरू कर दी है। बीते ७५ दिनों में २५२ पुलिस अधिकारियों के तबादले किए गए हैं। इसी तरह गुरुवार को भी ६६ एसीपी और डीवाईएसपी स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए गए, जिनमें सबसे ज्यादा पोस्टिंग मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजीत पवार के प्रभाव वाले जिलों में की गई हैं। इनमें सर्वाधिक ११ पोस्टिंग उप मुख्यमंत्री के जिले ठाणे में, नौ पोस्टिंग मुंबई में, आठ पोस्टिंग पुणे में और तीन पोस्टिंग नागपुर में की गई हैं। इससे साफ हो गया है कि फडणीस-शिंदे-दादा के गढ़ में पोस्टिंग का खेल चल पड़ा है।
भरोसेमंद अफसरों की तैनाती
इन अधिकारियों की तैनाती यह साफ इशारा करती है कि महायुति सरकार अपने भरोसेमंद अफसरों को मनचाही तैनाती देकर चुनाव से पहले रणनीतिक ठिकानों पर बैठा रही है। दूसरी तरफ महायुति के भीतर भी इस चुपचाप ऑपरेशन पर सवाल उठ रहे हैं।
मुंबई पुलिस के ९ अधिकारियों के भी तबादले
गुरुवार को राज्यभर में कार्यरत ६६ सहायक पुलिस आयुक्त और उप पुलिस उप अधीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं। इनमें मुंबई पुलिस के नौ अधिकारी भी शामिल हैं। यह आदेश राज्य के गृह विभाग द्वारा गुरुवार देर रात जारी किया गया। मुंबई से जिन अधिकारियों का तबादला किया गया है, उनमें एसीपी रेणुका बगडे, शशिकांत भोसले, सचिन जयभाये, मनीषा रावखंडे, कुसुम वाघमारे, योगेश गावडे, भगवान सोनावणे, शैलेश सानस और प्रिया पाटील के नाम शामिल हैं। साथ ही डीवाईएसपी नीलम व्हावल का भी तबादला किया गया है। इसके अलावा ठाणे और मीरा-भायंदर-वसई-विरार कमिश्नरेट में भी प्रमुख तबादले किए गए हैं। ठाणे से एसीपी उत्तम कोलेकर, ममता डिसूजा और एमबी-वीवी से एसीपी दीपाली खन्ना व विजयकुमार मराठे के नाम सूची में शामिल हैं। सबसे खास बात यह है कि पुणे ग्रामीण से एसीपी तानाजी बारडे और ठाणे से एसीपी उत्तम कोलेकर को अब मुंबई में नई पोस्टिंग दी गई है। यह तबादला प्रक्रिया राज्य पुलिस बल में हो रहे व्यापक फेरबदल का हिस्सा है।
सत्ता का संतुलन साधने का यह पहला आरोप नहीं
यह पहला मौका नहीं है, जब महायुति सरकार पर तबादलों के जरिए सत्ता का संतुलन साधने का आरोप लगा है। इससे पहले भी विधानसभा चुनावों से पहले इसी तरह पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के तबादले कर राजनीतिक लाभ लेने की रणनीति अपनाई गई थी। जिस तरह से ७५ दिनों में २५२ अधिकारियों को एक साथ इधर-उधर किया गया है।

अन्य समाचार